तम्बाकू और मादक द्रव्य उपयोग रोकथाम पर आईपीयू में कार्यक्रम आयोजित

“नशा मुक्त शहदरा एवं नशा मुक्त दिल्ली” जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन विश्वविद्यालय ने शहदरा के जिला प्रशासन के साथ मिलकर किया।

इस पहल का उद्देश्य मादक द्रव्य के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और एक स्वस्थ, नशा-मुक्त समुदाय को बढ़ावा देना था।

इस कार्यक्रम में शहदरा के विभिन्न स्कूलों से लगभग 300 शिक्षक, परामर्शदाता और प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शहदरा के जिला मजिस्ट्रेट शैलेन्द्र सिंह परिहार थे।

कार्यक्रम में तकनीकी सत्र शुरू हुआ, जिसमें क्षेत्र के विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।

इंस्टिट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड अलाइड साइंसेज के प्रोफेसर डॉ. मनोज कुमार ने “तम्बाकू रोकथाम: स्वास्थ्य की रक्षा, जीवन बचाना” पर चर्चा की।

इहबास की डॉ. अपर्णा गोयल ने “स्कूल जाने वाले बच्चों में मादक द्रव्य उपयोग की प्रारंभिक पहचान” पर चर्चा की।

शैक्षिक और व्यावसायिक मार्गदर्शन परामर्शदाता एमसीडी, शहदरा की अलेना खान ने “अनुभव साझा करना और केस स्टडीज़” पर चर्चा की।

एनटीसीपी जिला नोडल अधिकारी डॉ. अंकित ने राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम और तम्बाकू-मुक्त शैक्षिक संस्थान के बारे में जानकारी दी।

कार्यक्रम के समापन में सभी ने नशा-मुक्त दिल्ली के निर्माण के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।