देवेंद्र सिंह ने कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार आने के बाद इस जनकल्याणकारी योजना पर ग्रहण लग गया। लगभग चार माह पहले इस योजना का नाम बदलकर “टेरेसा एडवांस क्लिनिक” कर दिया गया, जिससे स्पष्ट होता है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से गहरी नफरत है। जबकि अटल जी ने ही झारखंड राज्य का गठन कर यहां के लोगों को नई पहचान दी थी।
उन्होंने कहा कि एक ऐसे महान नेता, जिन्होंने राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया, उनके नाम को हटाकर एक विदेशी महिला के नाम पर योजना का नामकरण करना अपमानजनक है। मदर टेरेसा पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने भारत में आकर लाखों भोले-भाले आदिवासियों का धर्म परिवर्तन कराया था। ऐसे में यह निर्णय यह सोचने पर मजबूर करता है कि आखिर सरकार ने किसे खुश करने के लिए यह नामकरण किया है।
देवेंद्र सिंह ने कहा कि आज इन मोहल्ला क्लिनिकों की स्थिति दयनीय है। उन्होंने बताया कि जमशेदपुर के कदमा स्थित रानी कुदार मोहल्ले के क्लिनिक का विद्युत कनेक्शन डेढ़ साल से कटा हुआ है। यहां मात्र चार घंटे के लिए एक नर्स और एक होम्योपैथिक डॉक्टर बैठते हैं। किसी प्रकार की आधुनिक चिकित्सा सुविधा या दवाइयां उपलब्ध नहीं हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि छह साल पहले जब यह “अटल मोहल्ला क्लिनिक” था, तब एमबीबीएस डॉक्टर नियमित रूप से बैठते थे और सभी आवश्यक दवाइयां उपलब्ध होती थीं, जिससे जनता को काफी लाभ मिलता था।
उन्होंने कहा कि वर्तमान झारखंड सरकार की योजनाएं केवल भाषणबाजी तक सीमित हैं, धरातल पर कोई कार्य नहीं हो रहा है। जनता अब यह भलीभांति समझ चुकी है कि हेमंत सरकार केवल नाम बदलने की राजनीति कर रही है, विकास की नहीं।