शिमला में दिसंबर के पहले सप्ताह शुरू होगी आइस स्केटिंग

आइस स्केटिंग क्लब शिमला के सचिव रजत मल्होत्रा ने सोमवार को बताया कि मौसम अनुकूल रहने पर दिसंबर के पहले सप्ताह से स्केटिंग सत्र की शुरुआत कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस बार उम्मीद है कि पिछले वर्षों की तुलना में अधिक सत्र आयोजित किए जा सकेंगे। ग्राउंड की सफाई के बाद जल्द ही बर्फ जमाने की प्रक्रिया शुरू होगी।

उन्होंने बताया कि इस बार भी स्केटिंग पूरी तरह प्राकृतिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी क्योंकि ऑल वैदर आइस स्केटिंग रिंक बनाने की योजना अब तक पूरी नहीं हो पाई है। रैफ्रिजरेशन प्लांट स्थापित न होने के कारण कृत्रिम बर्फ जमाने की सुविधा इस वर्ष भी उपलब्ध नहीं है।

रिंक के एक हिस्से में फिलहाल कुछ निर्माण सामग्री पड़ी हुई है, जिससे मैदान का उपयोग सीमित हो सकता है। इस पर क्लब प्रबंधन ने संबंधित विभाग से आग्रह किया है कि सत्र शुरू होने से पहले इस सामग्री को हटा लिया जाए ताकि पूरा रिंक स्केटिंग के लिए इस्तेमाल हो सके।

बता दें कि शिमला का आइस स्केटिंग रिंक शिया का सबसे पुराना प्राकृतिक आइस स्केटिंग रिंक माना जाता है। हर साल सर्दियों में यहां देश-विदेश से पर्यटक और खिलाड़ी स्केटिंग का आनंद लेने पहुंचते हैं। वर्ष 1920 में शिमला के लक्कड़ बाजार में आइस स्केटिंग रिंक को स्थापित किया गया था। ये एशिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक आइस स्केटिंग रिंक हैं। यहां आज भी प्राकृतिक तौर पर बर्फ जमती है। हर साल यह रिंक पर्यटकों और स्केटिंग प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहता है। अगर इस बार मौसम अनुकूल रहा, तो दिसंबर की शुरुआत में शिमला की ठंडी सुबहों में स्केट्स की खनक और बर्फ पर फिसलते खिलाड़ियों का रोमांच फिर सुनाई देगा।