राज्यपाल ने कहा कि वर्ष 2026 तक छत्तीसगढ़ को टी.बी. मुक्त राज्य बनाना है। इसके लिए समाज के सभी वर्गो की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस और अन्य सामाजिक संगठनों की मदद से लोगों को जागरूक किया जाए। राज्यपाल ने अधिक से अधिक निःक्षय मित्र बनाकर टी.बी. मरीजों को गोद लेने के लिए प्रोत्साहित करने पर बल दिया।
राज्यपाल ने कहा कि विशेष कर ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल बीमारी के प्रति जागरूकता और जांच-उपचार सुविधाओं को और सुदृढ़ करने की जरूरत है। उन्होंने स्कूल, कॉलेजों और पंचायत स्तर पर सिकल सेल जागरूकता शिविर लगाने का सुझाव दिया, ताकि युवाओं एवं ग्रामीणों में इस बीमारी के प्रति समझ विकसित हो सके।