सांसद पहुंचे जंगली घाटी, सिंचाई योजना का लिया जायजा

सांसद ने पुराने बांध और कैनाल का निरीक्षण करते हुए मौके पर ही लघु सिंचाई विभाग के अभियंता से संपर्क कर निर्देश दिया कि 15 नवम्बर के बाद वे अपनी टीम के साथ स्थल का सर्वेक्षण करें और नई सिंचाई योजना का प्राक्कलन तैयार करें। ग्रामीणों ने बताया कि पहले इसी नाले पर बने पत्थरों के बांध से खेतों की सिंचाई होती थी, लेकिन अब वह क्षतिग्रस्त हो चुका है। यदि उसी स्थान पर नया डैम और कैनाल बने, तो करीब 400 एकड़ भूमि की सिंचाई संभव होगी।

सांसद ने कहा कि सुदूरवर्ती क्षेत्रों के किसानों की समस्याओं का समाधान उनकी प्राथमिकता है। गांवों की समृद्धि खेतों में पानी पहुंचने पर ही निर्भर करती है। उनके इस जमीनी निरीक्षण से ग्रामीणों में नई उम्मीदें जगी है और क्षेत्र के विकास को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।