औषधि विभाग के जांच अभियान से दवा बाजार में हड़कम्प

जिला औषधि निरीक्षक रजत कुमार पाण्डेय अपनी टीम के साथ कोडीन युक्त कफ सीरप तथा एनआरएक्स श्रेणी की दवाओं की बिक्री करने वाली मेडिकल एजेंसियों पर अचानक पहुंच गए। टीम ने मून मेडिकल एजेंसी, ईशा मेडिकल हॉल, उत्कर्ष ड्रग हाउस सहित कई चिकित्सा प्रतिष्ठानों की गहन जांच की।निरीक्षण के बाद औषधि निरीक्षक पाण्डेय ने बताया कि यह कार्रवाई प्रतिबंधित और नियंत्रित श्रेणी की दवाओं की अनियमित बिक्री को रोकने के उद्देश्य से की गई है।उन्होंने सभी मेडिकल एजेंसियों को निर्देश दिया कि वर्ष 2024-25 तथा वर्तमान तक कोडीन युक्त कफ सीरप और एनआरएक्स श्रेणी की दवाओं के खरीद-विक्रय संबंधी अभिलेख कार्यालय में प्रस्तुत करें। साथ ही, औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम 1940 की धारा 22(1)(डी) के तहत इन दवाओं की खरीद पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।ईशा मेडिकल हॉल और उत्कर्ष ड्रग हाउस की विस्तृत जांच की गई, जहां फर्मों को सभी खरीद और बिक्री बिल प्रस्तुत कर सत्यापन कराने के आदेश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्देशों का पालन न करने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। फर्मों की रिपोर्ट की जांच के बाद आगामी कार्रवाई तय की जाएगी।