शुभारंभ अवसर पर कृषि मंत्री ने कहा कि यह संस्थान पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह की दूरदृष्टि का परिणाम है, जिन्होंने लड़कियों की तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस महाविद्यालय के निर्माण और सुविधाओं के विस्तार हेतु 42 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की थी।
प्रो. चन्द्र कुमार ने कहा कि वर्तमान समय टेक्नोलॉजी का है और यह अत्यंत तेजी से आगे बढ़ रही है। ऐसे में शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है कि वे स्वयं भी नियमित रूप से अपने ज्ञान को अपडेट करें और छात्राओं को नवीनतम तकनीकी जानकारी उपलब्ध करवाएं। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं तकनीकी क्षेत्र में पुरुषों के समान दक्षता और क्षमता के साथ योगदान दे रही हैं, जो प्रदेश और देश के लिए गर्व की बात है।
खेलों के महत्व पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि खेल न केवल शारीरिक फिटनेस के लिए आवश्यक हैं, बल्कि टीम भावना, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता तथा आत्मविश्वास को भी बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश की बेटियां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर रही हैं। इस प्रकार की प्रतियोगिताएं प्रतिभा को निखारने और खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती हैं।
इस अवसर पर कृषि मंत्री ने महाविद्यालय परिसर में अशोक का पौधा भी रोपित किया और सभी से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का आग्रह किया।