अतहर जमाल लारी ने कहा कि अगर दालमंडी को चौड़ा करना ही है तो दोनों तरफ से चार-चार फीट लेकर उसको और चौड़ा बना सकते हैं लेकिन शायद प्रशासन और हुकूमत का मंशा कुछ और ही दिखता है। हालांकि विश्वनाथ मंदिर तक जाने के लिए और भी रास्ते थे, जहां पर दुकान कम थी। आबादी नहीं के बराबर थी, उसको भी चौड़ा किया जा सकता था लेकिन इन बातों के तरफ सरकार ने ध्यान नहीं दिया। बहरहाल अगर दालमंडी की सड़क को चौड़ा करना है तो फिर वहां के व्यापारियों को बसाने के लिए भी सरकार को सोचना चाहिए और इसको गंभीरता से लेना चाहिए। आखिर हजारों परिवार उजड़ जाएंगे उनकी रोजी-रोटी खत्म हो जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुजारिश करते हुए उन्होंने कहा कि हमें पूरी उम्मीद है कि यूपी के मुख्यमंत्री आप एक दयालु महंत हैं। इसके ऊपर आपका जरूर ध्यान जाएगा, हम सिर्फ इतना कहना चाहते हैं। अपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहना है कि यह आपका संसदीय क्षेत्र है, जनता ने आपके ऊपर विश्वास किया है और आप को यहां से जीता कर भेजने का काम किया है। यह जरूर है कि हम भी आपके खिलाफ चुनाव मैदान में थे लेकिन राजनीति में तो यह सब चलता रहता है। अब आप देश के प्रधानमंत्री हैं, आप भी बनारस वालों के ऊपर और खास कर दालमंडी के व्यापारियों के ऊपर अपना ध्यान दें। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री उन उजड़े हुए दुकानदारों को बसाने के लिए शहर में जगह दीजिए। प्रशासन ने जो प्रस्ताव दिया है, वह बहुत दूर है। वहां पर कोई भी व्यापारी जा नहीं सकता और कोई भी खरीदार उतना दूर खरीदारी के लिए जा नहीं सकता। आपको मालूम होनी चाहिए की दालमंडी पूर्वांचल की एक मंडी है, गरीबों का हर सामान सस्ते रेट में वहां पर मिलता है।