नेता जी के रुप में विख्यात स्व मुलायम सिंह यादव की याद में आयोजित सुरमई शाम को प्रसिद्ध कवियों और शायरों ने यादगार बना दिया। मशहूर शायर वसीम बरेलवी ने जब पढ़ा कि ‘हादसों की जद में हैं तो क्या मुस्कराना छोड़ दें…’ तो हाल देर तक तालियों से गूंजता रहा। इसके बाद उन्होंने ‘येचराग कई आंधियों पे भारी है…’, सुनाया तो दर्शक आह और वाह करते रहे। वहीं, डा. प्रवीण शुक्ला ने कवि सम्मेलन को शानदार शुरुआत दी। इसके बाद आए युवा कवि डा. सुशांत शर्मा ने अपनी कविता से कवि सम्मेलन को धार दी। इसके बाद कवियत्री नीलम कश्यप ने बेटियों को समर्पित कविता सपने सजाऊं मन ही मन सुनाकर वाहवाही बटोरी। फिर शायर अज्म शाकिरी आए तो उनके शेर सुन कर स्रोता जमकर तालियां बजाते रहे। उन्होंने वो रोशनी थी झिलमिला कर चली गई सुनाया। हास्य कवि हेमंत पाण्डेय ने अपनी बातों से खूब गुदगुदाया। उन्होंने कहा… जब पंद्रह लाख एकाउन्ट में आ ही गए हैं, बुलेट से नैनीताल चलेंगे। इस पर खूब ताली बजी। कवि सम्मलेन की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ कवि उदय प्रताप सिंह ने अपनी कविताओं से सबका मन मोह लिया। मंच का संचालन प्रसिद्ध कवियत्री डा. सरिता शर्मा ने बखूबी किया। उनके श्रृंगार भरे गीतों पर स्रोताओं ने जमकर तालियां बजाई। इस अवसर पर गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी, विधायक संग्राम सिंह यादव, विधायक जयप्रकाश अंचल, विधायक मो. रिजवी, बंशीधर यादव, नीरज सिंह गुड्डू, सुशील पाण्डेय कान्हजी व संजय उपाध्याय आदि थे। कार्यक्रम के संयोजक पूर्व मंत्री अम्बिका चौधरी ने सभी के प्रति आभार जताया।