चाेरी का आरोपित यादराम पटेल ने पूछताछ में कबूल किया कि वह चोरी करने लिए खास तौर पर रायपुर से जगदलपुर आता था, उसने कुल तीन वारदातों को अंजाम दिया है, जिसमें 3अक्टूबर 2025 को तोकापाल (परपा थाना क्षेत्र) स्थित किराना दुकान से 15अक्टूबर 2025 और 28अक्टूबर 2025 को बस्तर (बस्तर थाना क्षेत्र) बस्तर मेन चौक स्थित किराना दुकान से चाेरी की वारदात काे अंजाम दिया। उसका तरीका फ़िल्मी था, वह शटर तोडने की मेहनत करने के बजाय, वायर कटर से दुकान की छत का टीना शेड काटकर अंदर घुसता था। सबसे मज़ेदार बात यह है कि बस्तर चौक की थोक किराना दुकान में लाखों का अन्य महंगा सामान भरा था, लेकिन इसकी नज़र सिर्फ अपनी ‘तलब’ पर थी. उन्होंने चुन-चुनकर 18 से 19 पुड़े सिगरेट और 70 पैकेट गुटखा की चाेरी किए । चोरी के इस ‘धुएं और गुटखे’ के माल को आरोपित ने रायपुर रेलवे स्टेशन पर घूम-घूमकर यात्रियों को बेचा, जैसे वह कोई चलता-फिरता ‘वेंडिंग मशीन’ हो।
पुलिस को आरोपित के राजिम वाले किराए के मकान से 75 हजार रुपये नगद बरामद हुए, लेकिन उससे भी ज़्यादा चौंकाने वाली बात यह रही कि उसने चोरी के पैसों से अपनी ‘लग्ज़री लाइफ़’ शुरू कर दी थी। नई एलईडी टीव्ही नाै हजार में खरीदा, फिलिप्स साउण्ड बाक्स तीन हजार रुपये में खरीदा, नई स्कुटी 15 हजार रुपये में अपनी बहन के नाम पर खरीदा। आराेपित यादराम ने चोरी की कमाई से टीव्ही और साउंड सिस्टम ख़रीदा, लेकिन शायद उसे यह नहीं पता था कि जेल में सिगरेट के साथ-साथ मनोरंजन के भी लाले पड़ जाते हैं!