को दोपहर मुख्यमंत्री उड़न दस्ते और स्वास्थ्य विभाग की
संयुक्त टीम ने छापा मारकर कार्रवाई की। टीम को सूचना मिली थी कि यहां बिना किसी वैध
अनुमति और योग्यता के क्लिनिक चलाया जा रहा है तथा बिना पंजीकरण के दवाइयों का उपयोग
किया जा रहा है।
कार्रवाई के दौरान टीम में मौजूद अधिकारियों डॉ विनय चौधरी,
डॉ रोहित कुमार (चिकित्सा अधिकारी), निरीक्षक वीरेंद्र सिंह (मुख्यमंत्री उड़न दस्ते)
और औषधि निरीक्षक संदीप हूडा ने क्लिनिक संचालक श्रीकांत से सभी आवश्यक वैध कागज़ात
प्रस्तुत करने को कहा। संचालक द्वारा कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत न किए जाने पर टीम
ने तुरंत कार्रवाई करते हुए क्लिनिक में रखी अवैध दवाइयों को कब्जे में ले लिया।
टीम द्वारा यह भी पाया गया कि क्लिनिक पर उपयोग में लाई जा
रही दवाएं न तो पंजीकृत थी और न ही उनके भंडारण या बिक्री से संबंधित किसी प्रकार
का रिकॉर्ड उपलब्ध था। औषधि निरीक्षक ने मौके पर ही दवाओं का विवरण दर्ज किया तथा उन्हें
सील कर अपने कब्जे में ले लिया। कार्रवाई के दौरान कुण्डली पुलिस भी मौजूद रही और कानून
व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग दिया।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बिना योग्यता
और बिना अनुमति ऐसे क्लिनिक चलाना सीधे तौर पर लोगों की जान के लिए खतरा है। विभाग
ने स्पष्ट किया है कि बिना पंजीकरण क्लिनिक चलाने वालों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार
की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।