सुनवाई के दौरान अजय देवगन की ओर से पेश वकील प्रवीण आनंद ने कहा कि याचिकाकर्ता के नाम और फोटो का इस्तेमाल गलत और अनधिकृत तरीके से किया जा रहा है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आनंद से पूछा कि क्या आपके मुवक्किल ने यूट्यूब और गूगल से इस संबंध में शिकायत की थी। तब आनंद ने कहा कि नहीं। तब कोर्ट ने कहा कि वो एक दिशा-निर्देश जारी करेगा कि ऐसी याचिका दायर करने वाले पहले यूट्यूब और गूगल के पास अपना विरोध दर्ज कराएं। हाल ही में उच्च न्यायालय कई बड़ी हस्तियों के फोटो और व्यक्तित्व से जुड़ी किसी बात का बिना अनुमति इस्तेमाल नहीं करने का आदेश दे चुका है।
कोर्ट ने अभिनेत्री और सांसद जया बच्चन, पत्रकार सुधीर चौधरी, आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर, तेलुगु अभिनेता नागार्जुन, अभिनेत्री ऐश्वर्या राय, अभिषेक बच्चन और फिल्म प्रोड्यूसर करण जौहर के व्यक्तित्व से जुड़ी किसी बात का बिना अनुमति इस्तेमाल नहीं करने का आदेश दिया था। उच्च न्यायालय ने अभिषेक बच्चन की याचिका पर सनवाई करते हुए कहा था कि किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व से संबंधित किसी भी प्रतीक का इस्तेमाल उसके निजता के अधिकार का उल्लंघन है और इससे उसकी गरिमा के साथ जीने के अधिकार भी प्रभावित होते हैं।
उच्च न्यायालय ने संबंधित यूआरएल (वेब लिंक) को हटाने का निर्देश दिया था जो बिना अनुमति के अभिषेक बच्चन के व्यक्तित्व से जुड़ी किसी भी चीज का इस्तेमाल कर रहे थे। कोर्ट ने कहा था कि एआई और डीपफेक जैसी तकनीक का इस्तेमाल कर उनके नाम और छवि का गलत उपयोग कर न केवल आर्थिक रुप से नुकसान पहुंचा रहे हैं बल्कि उनकी प्रतिष्ठा, गरिमा और सद्भावना को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है।