फैक्ट्री संचालक परमेश्वर वर्मा के अनुसार, पिछले तीन वर्षों से 323 महिलाएं लगातार काम कर रही हैं। प्रत्येक महिला प्रतिमाह 8,000 से 11,000 रुपए कमा रही है। फैक्ट्री के उत्पादों की गुणवत्ता को देखते हुए कोलकाता की डीसी कंपनी ने रायपुर में अपना नया स्टोर भी खोला है। फैक्ट्री द्वारा हर महीने 20 से 25 लाख रुपए का वेतन भुगतान किया जाता है, जो इसके बड़े रोजगार स्रोत होने का प्रमाण है।
कलेक्टर नूपुर राशि ने महिलाओं के इस जज्बे की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यह गारमेंट्स फैक्ट्री जिले की पहचान बन गई है। यहां की महिलाओं की लगन ने उन्हें इतना कुशल बना दिया है कि उनके बनाए गारमेंट अब पूरे देश में भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नक्सल पीड़ित परिवारों और दिव्यांग महिलाओं का यहां आत्मनिर्भर होना सबसे बड़ी उपलब्धि है। कोंडानार गारमेंट फैक्ट्री केवल एक उत्पादन इकाई नहीं, बल्कि 323 महिलाओं के सपनों, मेहनत और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।