ठंड बढ़ी तो गरीबों की आई शामत, छोटे बच्चे पड़ रहे बीमार

ठंड का सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों पर दिखाई दे रहा है। सुबह आठ बजे से ही अधिकांश विद्यालयों में कक्षाएं शुरू हो जाती हैं, जिसके कारण नन्हे बच्‍चे ठिठुरते हुए स्कूल आने को विवश है। कई अभिभावकों ने बताया कि बच्चे ठंड के कारण सर्दी, खांसी, बुखार जैसी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।

सरकार की ओर से गरीबों के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन वास्तविक जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने में अभी और तेजी से काम करने की जरूरत है। भाजपा नेता संतोष जायसवाल कहते हैं कि इतनी कडाके कीी ठंड के बाद भी सरकार की ओर से न तो कंबलों का वितरण किया जा रहा है और न ही कहीं अलाव की व्यवस्था की जा रही है। कई अभिभावकों ने प्रशासन से स्कूलों के समय में परिवर्तन करने की मांग की है। आम लोगों ने गरीब परिवारों के बीच गर्म कपड़े, कंबल वितरण की भी मांग की है।

आसमान में छाए रहेंगे बादल

बंगाल की खाडी में कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण सोमवार को जिले में बादल छाया रहा। कृषि विज्ञान केंद्र, तोरपा के मौसम वैज्ञानिक डॉ राजन चौधरी ने बताया कि यह स्थिति अगले 2 से 3 दिनों तक बनी रहेगी, लेकिन बारिश होने की संभावना नहीं है।

उन्होंने बताया कि कहीं-कहीं बूंदाबांदी होने की संंभावना है। इस दौरान न्यूनतम तापमान गिरकर लगभग 11 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 24 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। डॉ चौधरी ने बताया कि सुबह और शाम में ठंड अधिक महसूस होगी। उन्‍होंने कहा कि पांच दिसंबर तक मौसम पूरी तरह साफ हो जाएगा।