कार्यक्रम में आगमन पर सीआरपीएफ-आरएएफ के कमांडिंग ऑफिसर जितेंद्र ओझा और उनकी धर्मपत्नी निरुपमा ओझा ने अपरिमेय श्याम प्रभु का स्वागत किया। सत्संग का उद्देश्य जवानों को आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करना था। अपरिमेय श्याम प्रभु ने जवानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि मानव जीवन का मूल उद्देश्य आत्मा के रूप में अपनी पहचान को समझना है। उन्होंने बताया कि “मैं शरीर नहीं, आत्मा हूं” का भाव ही जीवन में वास्तविक आनंद का आधार है। प्रभु ने जवानों को परमात्मा से आत्मा के आध्यात्मिक संबंध और वास्तविक सुख की प्राप्ति का मार्ग समझाया।
सत्संग के दौरान जवानों ने अपने प्रश्न प्रभु के समक्ष रखे, जिनका उन्होंने तर्कपूर्ण समाधान किया। अंत में प्रभु ने सभी जवानों से प्रतिदिन श्रीमद्भगवद्गीता का अध्ययन करने और हरे कृष्ण महामंत्र का नियमित जप करने का आह्वान किया। कार्यक्रम आध्यात्मिक वातावरण में सम्पन्न हुआ।