जिला पुलिस उपायुक्त प्रशांत गौतम का कहना है कि उनका ऑपरेशन जारी है। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि इस साल 1 मई को ऑपरेशन विश्वास की शुरुआत की गई थी। इसके तहत खोए हुए, चोरी, लूटे और छीने गए मोबाइल फोन को शिकायत के बाद ट्रेस करने का बीड़ा उठाया गया। जिले में टेक्निकल सर्विलांस टीम का गठन किया गया। टीम ने शिकायतों के आधार पर उनको ट्रेस करना शुरू किया। सबसे पहले सीडीआर और आईएमईआई नंबर के आधार पर फोन की तलाश शुरू की। इसके लिए केंद्र सरकार के सीईआईआर पोर्टल की मदद ली गई। इसके तहत खोए हुए 321, चोरी हुए 202, घर में हुई चोरी में गायब 39, झपटमारी के 61 और लूटे गए 2 मोबाइल फोन को बरामद किया गया। लोकल पुलिस ने इसके लिए पूरी मदद की।
पिछले साल के आंकड़े पर गौर करें तो वर्ष 2024 में 555 और वर्ष 2023 में इसी तरह 205 मोबाइल फोन बरामद किए गए। अधिकारी ने बताया कि हालांकि गायब हुए ज्यादातर मोबाइल फोन को विदेश ठिकाने लगा दिए जाते हैं। भारत में भी फोन एक्टिवेट हैं या कोई बदमाश मोबाइल के साथ पकड़ा जाता है कि उससे मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस साल मोबाइल की तलाश के दौरान टीम ने 526 मोबाइल फोन दिल्ली से बरामद किए हैं। इसके अलावा उप्र से 90, बिहार से 6 और पंजाब व एमपी से 1-1 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। वहीं दिल्ली से बरामद मोबाइल फोन का ब्रेकअप देखा जाए तो विवेक विहार से 33, आनंद विहार से 26, जगतपुरी से 15, गांधी नगर से 11, कृष्णा नगर से 19, गीता कालोनी से 17, शाहदरा से 39, फर्श बाजार से 54, मानसरोवर पार्क से 25, सीमापुरी से 165 और जीटीबी एंक्लेव से 221 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।