सांसद जोबा माझी ने प्रश्न संख्या 1733 के माध्यम से मांग की थी कि कोविड-19 से पूर्व इस्पात एक्सप्रेस का ठहराव गोइलकेरा में नियमित रूप से होता था। लेकिन बाद में ट्रेन को दो अलग-अलग नंबरों के साथ सप्ताह में तीन और चार दिन के संचालन में बांट दिया गया। इसमें ट्रेन संख्या 12871-12872 का ठहराव तो जारी रहा, पर ट्रेन संख्या 22861-22862 का ठहराव गोइलकेरा में नहीं दिया गया। इसके कारण यात्रियों में भारी असमंजस और परेशानी पैदा हो गई।
यात्रियों की शिकायतें सांसद तक पहुंचने पर उन्होंने रेल मंडल मुख्यालय को पत्र लिखा, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। आखिरकार संसद के शीतकालीन सत्र में उठाए गए सवाल पर रेल मंत्री ने ठहराव बहाल करने की मंजूरी दे दी है। जल्द ही आधिकारिक रूप से ठहराव शुरू होने की उम्मीद है।
इस फैसले से गोइलकेरा और आसपास के सैकड़ों यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।