दतियाः प्रसिद्ध जैन तीर्थ सोनागिर में गंदगी देख भड़के कलेक्टर, दिए सख्त निर्देश

उन्होंने कहा कि दतिया जिला अपने धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है और यहां आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु एक अलग अनुभव लेकर जाता है, इसलिए तीर्थस्थलों की सफाई व सौंदर्यीकरण सर्वोच्च प्राथमिकता है। कचरा प्रबंधन पर सख्त निर्देश कलेक्टर ने सरपंच को निर्देशित किया कि सप्ताह में तीन दिन कचरा गाड़ी अनिवार्य रूप से पहुंचे और क्षेत्र से कचरा उठाया जाए। स्थानीय लोगों के बीच घर के बाहर कचरा न फेंकने की मुहिम चलाने और गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माना लगाने के निर्देश भी दिए। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में सफाई कार्य नियमित रूप से कराने को कहा।

कलेक्टर वानखेड़े ने प्रशासनिक अधिकारियों और मंदिर समिति के साथ बैठक में तीर्थ स्थल के समग्र विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर के आसपास की गंदगी तत्काल हटाई जाए। प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, पूरे क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में डस्टबिन लगाए जाएं। उन्होंने पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को सड़क मरम्मत के निर्देश दिए। साथ ही रोड शोल्डर पर सीमेंट की लेयर या पेवर ब्लॉक लगाने को कहा।

कलेक्टर ने मंदिर ट्रस्ट को निर्देशित किया कि दान-धर्म से प्राप्त राशि का उपयोग सीधे मंदिर व श्रद्धालुओं की सुविधाओं में बढ़ोतरी के लिए किया जाए। उन्होंने कहा कि “ट्रस्ट की जिम्मेदारी सिर्फ धर्मशाला चलाना नहीं, बल्कि मंदिर व्यवस्था को सुदृढ़ करना और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है।”

कलेक्टर ने कहा कि सड़क पर अवैध रूप से बनी दुकानों को हटाया जाए तथा दुकानदारों को वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया जाए। सड़क को संकरा कर रहे निर्माणों को हटाने के लिए 15 दिन की मोहलत देने के निर्देश दिए। तय समय सीमा में कार्रवाई नहीं होने पर प्रशासन द्वारा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर वानखडे ने नाली निर्माण, हाई-मास्ट लाइट, सड़क प्रकाश व्यवस्था, स्वागत द्वार, पार्किंग स्थल, चंद्रचौक सौंदर्यीकरण सहित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की और कहा कि मेले से पहले-पहले सभी कार्य पूर्ण होने चाहिए। अंत में उन्होंने उपस्थित सभी लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई और तीन माह में सोनागिर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित रूप देने का संकल्प दोहराया।