सचिव कार्मिक शैलेश बगौली ने इस संबंध में शुक्रवार काे राज्य के सभी प्रमुख सचिवों, सचिवों, विभागाध्यक्षों कार्यालयाध्यक्षों, मण्डलायुक्तों, जिलाधिकारियों एवं राज्य सरकार के उपक्रमों व निगमों के प्रबंध निदेशकों को एक परिपत्र जारी किया है। परिपत्र में कहा गया है कि उत्तराखंड उच्च न्यायालय नैनीताल में आयोजित रिट याचिका में न्यायालय की ओर से दिए गए निर्देशों के क्रम में उत्तराखंड राज्य कर्मचारियों की आचरण नियमावली-2002 के नियम-2 (ग) में वर्णित कर्मचारी के ‘परिवार का सदस्य‘ की परिभाषा और नियमावली के नियम 22 में चल, अचल और बहुमूल्य सम्पत्ति क्रय करने की सम्पत्ति की घोषणा के विषयक प्रावधानों का उल्लेख करना है। तत्संबंधित अनुपालन की सूचना निर्धारित तिथि तक अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने को कहा गया है।