अनाहिता और इनाया का प्रयास प्रशंसनीय,अल्पायु बच्चों के भविष्य को लेकर दृढ़ संकल्पित

हरदोई,09 फरवरी (हि.स.)। अनाहिता अग्रवाल और इनाया अग्रवाल द्वारा संचालित इकाशा फाउंडेशन जिले के मुजाहिदपुर विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के जीवन को बेहतर बनाने का हर संभव प्रयास कर रही है। अनाहिता और इनाया अभी महज 14 वर्ष की हैं लेकिन उनका अटूट समर्पण और प्रयास प्रसंशनीय है। उन्होंने देश के लिए एक मिशाल पेश की है और तीन से 10 वर्ष की आयु के छोटे बच्चों का भविष्य संवारने के उनके दृष्टिकोण ने न केवल प्यारे बच्चों बल्कि उनके माता-पिता को भी एक नई आशा दी है। उन्हें उनके सपनों को पूरा करने का हर संभव मदद का प्रयास निरंतर जारी है।

अनाहिता और इनाया अग्रवाल ने मुजाहिदपुर विद्यालय में कंप्यूटर की शुरुआत कर बच्चों को तकनीक से अवगत कराया, जो वर्तमान समय की मांग है। जिन्होंने जन्म से ही रोशनी नहीं देखी उनके साथ दोनों त्योहार मनाती हैं और उनके जीवन में खुशियां भरने का प्रयास करते हैं। समय-समय पर वृक्षारोपण अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरुक करती हैं। टीम भावना और लीडरशिप विकसित करने के लिए खेल गतिविधियों का आयोजन कराती हैं। साथ ही खेल में अच्छे बच्चों को प्रोत्साहित कर देश के लिए खेलने के लिए हरसंभव मदद करती हैं।

अनाहिता और इनाया स्कूल की गतिविधियों में बच्चों के साथ शामिल होती हैं। उन्हें प्रेरित कर, मार्गदर्शित कर उनके सपनों को पूरा करने का हरसंभव प्रयास करती हैं। उनका मानना है कि ये बच्चे देश का भविष्य हैं, देश की आशा हैं। इकाशा फाउंडेशन ग्रामीण बच्चों को एक घर, एक परिवार जैसा माहौल उपलब्ध कराता है। जहां वे अपने सपनों को पंख दे सकें, उसे प्राप्त कर सकें।

अनाहिता और इनाया से जब पूछा गया कि आपके सामाजिक कार्य की प्रेरणा कौन है तो उन्होंने कहा कि उन्हें सामाजिक कार्य करने की प्रेरणा उनके दादा नरेश अग्रवाल और पिता नितिन अग्रवाल से मिलती है जो सक्रिय रूप से सामाजिक कार्यों में संलिप्त रहते हैं। साथ ही उन्होंने अपनी मां गरिमा अग्रवाल को भी हृदय से धन्यवाद देते हुए कहा कि मां एक उद्यमी हैं, जो सक्रिय रूप से उन्हें अपने विचारों को लागू करने और क्रियान्वित करने का रास्ता दिखाती हैं और उन्हें सामाजिक कार्यों के लिए प्रेरित करती हैं।