सही आचरण और इच्छा शक्ति से किया गया कार्य ही सुशासन का मूल मंत्र: महीपाल ढांडा

उन्होंने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों की बहुत बड़ी जिम्मेदारी रहती है वे योजनाओं का लाभ किसे दे रहे हैं और किसे नही दे रहे हैं, दोनों तरह की जिम्मेदारी उन्हीं की है। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि आज हम सुशासन दिवस के अवसर पर यहां एकत्रित हैं। ऐसे में हम सभी प्रण लें कि हम लोगों की सेवा करें ताकि पानीपत जिला को सुशासन के मामले में प्रथम स्थान प्राप्त हो और यह जिला दूसरे जिलों के लिए भी प्रेरणादायी बने। महिपाल ढांडा ने कहा कि कोई भी पीडि़त व्यक्ति जब कार्यालय में आता है तो वह एक आश और विश्वास लेकर आता है कि उसकी बात को सुना जाएगा और उसका कार्य निर्बाद्ध रूप से होगा। इसलिए हमें उस व्यक्ति को सुनकर उसकी पीड़ाओं को दूर करना है और इस व्यवस्था को मजबूती प्रदान करनी है ताकि दूसरे कर्मचारी भी उसी तरह से काम करें।

शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि सुशासन दिवस पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस के अवसर पर आयोजित किया जाता है। वे ऐसे निडर और देशभक्त प्रधानमंत्री रहे जिन्होंने विश्व की किसी भी शक्ति का दबाव ना मानते हुए पोखरण में परमाणु परिक्षण कर भारत की समप्रभुता और गौरव को बढ़ाने का कार्य किया।