नई दिल्ली, 06 जनवरी । उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि अमीर लोग जब मुकदमेबाजी में फंसते हैं तो मुकदमे का सामना करने के बजाय कानून की वैधता को चुनौती देने लगते हैं, ये एक ट्रेंड बन गया है।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिल्ली के वकील गौतम खेतान की याचिका पर सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता से कहा कि आप भी आम इंसान की तरह मुकदमे का सामना कीजिए। सुनवाई के दौरान मंगलवार काे गौतम खेतान के वकील ने कोर्ट को बताया कि उनकी याचिका में मनी लांड्रिंग कानून के कुछ प्रावधानों को चुनौती दी गयी थी। कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि मनी लांड्रिंग के जिस प्रावधान की वैधता को वो चुनौती दे रहे हैं, वो पहले से ही उच्चतम न्यायालय में लंबित है। मनी लांड्रिंग कानून के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को मिले विशेषाधिकारों की कोर्ट समय आने पर समीक्षा करेगा।