सीहोर, 14 जनवरी । मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के ग्राम सैकड़ाखेड़ी स्थित शहीद स्थल पर शहीद क्रांतिकारियों की याद में बुधवार को श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया।
विधायक सुदेश राय, भाजपा जिला अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा, कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा, नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर, कलेक्टर बालागुरू के., पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने शहीद स्थल पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर 100 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा भी फहराया गया।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने कहा कि 14 जनवरी 1858 को सीहोर में स्वतंत्रता के प्रथम संग्राम में 356 क्रांतिकारियों ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। अंग्रेजी शासन के खिलाफ मध्य भारत में चल रहे विद्रोह में सीहोर की बर्बरतापूर्ण घटना को जलियांवाला बाग हत्याकांड की तरह माना जाता है। 10 मई 1857 को मेरठ की क्रांति से पहले ही सीहोर में क्रांति की ज्वाला सुलग गईं थी। उन्होंने कहा कि सीहोर का यह स्थल हम सबके लिए पवित्र स्थान है। उन सभी अमर शहीदों की शहादत को अमर बनाए रखने के लिए इस स्थल का निरंतर समग्र विकास किया जा रहा है।
कलेक्टर बालागुरू के. और पुलिस अधीक्षक शुक्ला ने शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि जिस प्रकार जलियांवाला बाग देश की स्वतंत्रता में शहीदों द्वारा दिए गए प्राणों के बलिदान की गवाही देता है, उसी प्रकार नागरिकों के लिए सीहोर का यह अमर शहीद स्थल प्रेरणा और गरिमा का स्त्रोत है। उन्होंने स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुती देने वाले सभी 356 क्रांतिकारियों को नमन करते हुए कहा कि यह क्रांती हिंदू-मुस्लिम एकता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। इस क्रांति मे शामिल क्रांतिकारियों का यह मानना था कि सबसे पहले हमारा देश है, देश से बढ़कर कुछ नही है। हमारे इन वीर क्रांतिकारियों से हमे प्रेरणा लेनी चाहिए एवं देश की रक्षा के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।
कार्यक्रम में विधायक जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने नगर पालिका के नवीन टोइंग वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर सभी ने मकर सक्रांति के उपलक्ष्य में पंतग उड़ाकर पतंग महोत्सव का भी शुभारंभ किया। कार्यक्रम में संगीतिका संगीत महाविद्यालय की टीम द्वारा अनेक देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी गई। ————–