झारखंड प्राकृतिक संसाधनों, लोक त्योहारों और सामुदायिक उत्सवों का महत्वपूर्ण केंद्र है  : एसडीएम

खूंटी, 18 जनवरी । मरांगहदा पंचायत के भूत गांव में स्थानीय संस्कृति और लोक परंपरा के संरक्षण के उद्देश्य से रविवार को वार्षिक टुसू मेला सम्पन्न हुआ। मेले में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अनुमंडल पदाधिकारी खूंटी दीपेश कुमारी, विशिष्ट अतिथि के रूप में खूंटी सदर प्रखंड विकास पदाधिकारी ज्योति कुमारी, थाना प्रभारी मारांगहदा विकास कुमार जायसवाल, सर्किल इंस्पेक्टर खूंटी किशुन दास, तथा मारांगहदा पंचायत के मुखिया प्रेमचंद टूटी उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि एसडीओ दीपेश कुमारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झारखंड की सांस्कृतिक विरासत की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि झारखंड प्राकृतिक संसाधनों, लोक त्योहारों, नृत्यों और सामुदायिक उत्सवों का महत्वपूर्ण केंद्र है। टुसू जैसे पर्व ग्रामीण संस्कृति, कृषि परंपरा और सामुदायिक समन्वय को जीवित रखते हैं। ऐसे आयोजनों का संरक्षण आवश्यक है।

विशेष कार्यक्रम के दौरान थाना प्रभारी मारांगहदा विकास कुमार जायसवाल ने युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारी और कानून व्यवस्था के विषय में जागरूक किया।

उन्होंने कहा कि अफीम खेती जैसी अवैध गतिविधियां समाज और युवा वर्ग को नुकसान पहुंचाती हैं। मार्ग सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन आवश्यक है। थाना किसी भी कीमत पर ‘मैनेज’ नहीं होगा, कानून सभी पर समान रूप से लागू है।

इस वर्ष टुसू प्रतियोगिता में 19 टुसू चौड़ल टीमों ने भाग लिया जबकि भजन प्रतियोगिता में पांच समूह सम्मिलित हुए। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान शिवनाथ पहन, कुंजियांबा को मिला जिन्हें ₹15 हजार नकद पुरस्कार एसडीओ खूंटी के कर-कमलों से प्रदान किया गया। द्वितीय पुरस्कार पिस्का हातू सिंदरी को मिला जिन्हें 10 रुपये नकद पुरस्कार बीडीओ सदर की ओर से प्रदान किया गया। तृतीय पुरस्कार सात हजार 500 की राशि के रूप में थाना प्रभारी मारांगहदा की ओर से प्रदान किया गया। सभी प्रतिभागियों को ग्राम समिति की ओर से सांत्वना पुरस्कार भी दिया गया।