गणतंत्र दिवस परेड में खरगे और राहुल गांधी को तीसरी पंक्ति में बैठाने पर कांग्रेस ने लगाया अपमान का आरोप, भाजपा ने किया पलटवार

नई दिल्ली, 26 जनवरी । गणतंत्र दिवस परेड में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को तीसरी पंक्ति में बैठाए जाने को पार्टी ने विपक्ष और संविधान का अपमान बताया। कांग्रेस के नेताओं ने सरकार पर प्रोटोकॉल तोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार की हताशा और हीनभावना को दर्शाता है, जबकि भाजपा ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर सिटिंग अरेंजमेंट को राजनीति का मुद्दा बनाने का आरोप लगाया।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वह वरिष्ठतम नेता हैं और राहुल गांधी को भी कैबिनेट रैंक प्राप्त है, इसके बावजूद उन्हें तीसरी लाइन में बैठाया गया, जहां राज्यमंत्री और बच्चे बैठे थे। इसके लिए उन्हें अपने सचिवों को भेजकर पास और जगह तलाशनी पड़ी। सरकार की ओर से कोई इंतजाम नहीं था। सरकार ने न सिर्फ उनका, बल्कि विपक्ष और संविधान का भी अपमान किया है। ऐसा क्यों किया गया और इस पर सरकार को जवाब देना चाहिए।

कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साल 2014 की परेड की तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि तब लालकृष्ण आडवाणी को सबसे आगे की पंक्ति में बैठाया गया था। अब विपक्ष के नेताओं को पीछे क्यों किया गया। टैगोर ने आरोप लगाया कि मोदी और शाह खरगे और राहुल गांधी का अपमान करना चाहते हैं। विपक्ष के नेताओं को इस तरह से अपमानित नहीं किया जा सकता, खासकर गणतंत्र दिवस जैसे अवसर पर।

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने भी कहा कि विपक्ष के नेता के लिए जो प्रोटोकॉल अपनाया जाना चाहिए था, वह दिखाई नहीं दिया। राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा, कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा, कांग्रेस नेता और वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी, कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा और कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने एक्स पर पोस्ट लिखकर गणतंत्र दिवस की परेड के समय सिटिंग अरेजमेंट और राहुल गांधी के अपमान का विषय उठाया।

भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि कांग्रेस शर्मनाक तरीके से सीटिंग अरेंजमेंट को राजनीति का मुद्दा बना रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी तीसरी पंक्ति में बैठने की चिंता नहीं कर रहे थे, बल्कि फोन पर व्यस्त थे, जबकि देश ब्रह्मोस मिसाइल की ताकत का जश्न मना रहा था।

भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक्स पर कहा कि कांग्रेस फिर से परिवार और पद को संविधान से ऊपर मान रही है। सीटिंग एक तय प्रारूप के अनुसार होती है, जिसे टेबल ऑफ प्रिसीडेंस कहते हैं। उसी तस्वीर में केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी पीछे बैठे थे, लेकिन उन्होंने कोई शिकायत नहीं की। राहुल गांधी सोचते हैं कि वह भारत के मालिक हैं। राहुल गांधी उपराष्ट्रपति और मुख्य न्यायाधीश के शपथ ग्रहण जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में क्यों अनुपस्थित रहते हैं।

पूनावाला ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि अर्जुन राम मेघवाल भी पीछे बैठे थे, लेकिन उन्होंने शिकायत नहीं की क्योंकि उनके लिए वीवीआईपी ट्रीटमेंट देश से ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं है। लेकिन राहुल गांधी सोचते हैं कि उन्हें पहली पंक्ति में बैठना चाहिए। जनता फैसला करेगी।

उल्लेखनीय है कि ‘टेबल ऑफ प्रिसीडेंस’ के अनुसार लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के नेता सातवें स्थान पर आते हैं, जो कैबिनेट मंत्रियों के बराबर है। यह क्रम औपचारिक अवसरों पर लागू होता है। इस पूरे विवाद पर केंद्र सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।