यमुनानगर सिविल अस्पताल में वाटर टैंक फटे, बड़ा हादसा टला

यमुनानगर, 03 फ़रवरी । यमुनानगर के सिविल अस्पताल परिसर में स्थित मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय की इमारत में बीती रात अचानक हुए तेज धमाके से अफरा-तफरी मच गई। धमाका इतना शक्तिशाली था कि इमारत की ऊपरी मंजिलों की खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हो गए, जबकि छत की रेलिंग का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे खड़े सरकारी वाहन पर आ गिरा। इस दौरान भवन के अंदर लगी टाइलें और सीलिंग का हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। यह घटना सोमवार देर रात्रि की है। संयोगवश उस समय कार्यालय परिसर में कोई मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और एक बड़ा हादसा टल गया। धमाके की आवाज सुनते ही अस्पताल परिसर में मौजूद स्टाफ और मरीजों के तीमारदार घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।

मौके पर चारों ओर कांच के टुकड़े बिखरे हुए थे। अस्पताल परिसर में मौजूद एक व्यक्ति महेश ने बताया कि वह रात के समय बाहर टहल रहा था, तभी अचानक जोरदार आवाज सुनाई दी। कुछ ही क्षणों में लोगों को सीएमओ कार्यालय की ओर भागते देखा गया। जब वह मौके पर पहुंचा तो छत से टूटा भारी हिस्सा एक वाहन पर गिरा हुआ था और आसपास का दृश्य डराने वाला था। घटना की सूचना मिलते ही सीएमओ जितेंद्र तरंत तत्काल अस्पताल पहुंचे और पूरी इमारत का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में छत पर लगे सोलर सिस्टम के पास स्थापित तीन वाटर हीटर टैंकों में से दो टैंक क्षतिग्रस्त पाए गए हैं। आशंका है कि टैंकों में गैस बनने के कारण दबाव बढ़ा और धमाका हुआ, जिससे भवन के हिस्सों को नुकसान पहुंचा। मामले की जानकारी लोक निर्माण विभाग को दे दी गई है। विभागीय अधिकारी विस्तृत तकनीकी जांच करेंगे, जिसके बाद ही घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल सुरक्षा की दृष्टि से प्रभावित क्षेत्र को घेरकर सुरक्षित किया गया है।