ढटवाल में ईएसएम कैंटीन काउंटर खोले केंद्र सरकार : सिकंदर कुमार

शिमला, 03 फ़रवरी । राज्यसभा सांसद और भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री डॉ. सिकंदर कुमार ने मंगलवार को संसद में हिमाचल प्रदेश के पूर्व सैनिकों से जुड़ी एक अहम समस्या को उठाया है। उन्होंने केंद्र सरकार से हमीरपुर जिला के बड़सर के ढटवाल में ईएसएम कैंटीन काउंटर खोलने की मांग की है।

सिकंदर कुमार ने कहा कि हमीरपुर ज़िले में इस समय पूर्व सैनिकों के लिए केवल दो ईएसएम (एक्स सर्विसमैन) कैंटीन संचालित हो रही हैं। इनमें एक कैंटीन हमीरपुर में और दूसरी बड़सर में स्थित है। बड़सर की ईएसएम कैंटीन पर कुल 13,527 कार्डधारक निर्भर हैं, जिनमें पूर्व सैनिक और उनके आश्रित शामिल हैं।

डॉ. सिकंदर कुमार ने सदन को बताया कि बड़सर कैंटीन पर बड़सर, ढटवाल, बंगाणा और कुछ हद तक झंडूता क्षेत्रों के लोग निर्भर हैं। इनमें से अकेले ढटवाल तहसील के 3,918 कार्डधारक हैं, जो कुल संख्या का बड़ा हिस्सा है। ढटवाल तहसील की सीमा बड़सर से लगभग 13 किलोमीटर दूर है, जबकि दूर-दराज़ के कई गांवों से बड़सर कैंटीन की दूरी करीब 35 किलोमीटर तक पड़ती है। ऐसे में बुज़ुर्ग और बीमार पूर्व सैनिकों के लिए वहां तक पहुंचना काफी मुश्किल हो जाता है।

उन्होंने बताया कि बड़सर ईएसएम कैंटीन की मौजूदा हैंडलिंग क्षमता रोज़ाना लगभग 250 कार्डधारकों की है, यानी महीने में करीब 5,500 कार्डधारकों को ही सेवा मिल पाती है। जबकि इस कैंटीन पर निर्भर कार्डधारकों की संख्या इससे कहीं अधिक है। इसका नतीजा यह होता है कि महीने के पीक दिनों में कैंटीन में भारी भीड़ और अव्यवस्था की स्थिति बन जाती है। लंबी कतारों और इंतजार के कारण खासकर बुज़ुर्ग और बीमार पूर्व सैनिकों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

डॉ. सिकंदर कुमार ने कहा कि पूर्व सैनिकों ने देश की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान होना नहीं चाहिए। उन्होंने संसद के माध्यम से भारत सरकार से विनम्र आग्रह किया कि इस समस्या के समाधान के लिए ढटवाल तहसील, जो बड़सर विधानसभा क्षेत्र में आती है, में एक ईएसएम कैंटीन का एक्सटेंशन काउंटर खोला जाए।

उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि ढटवाल में ईएसएम कैंटीन का एक्सटेंशन काउंटर खुलता है तो इससे बड़सर कैंटीन पर बोझ कम होगा और हजारों पूर्व सैनिकों व उनके आश्रितों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे उन्हें अपने नजदीकी क्षेत्र में सुविधाजनक, सम्मानजनक और सुचारू सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।