नई दिल्ली, 04 फ़रवरी । दिल्ली के कैबिनेट मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026–27 एक दूरदर्शी और जनहितैषी बजट है, जो दिल्ली के विकास को तेज करेगा और समाज के हर वर्ग को मजबूत बनाएगा।
मंत्री सिरसा ने शुक्रवार को दिल्ली सचिवालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह बजट “विकसित भारत @2047” के संकल्प को आगे बढ़ाता है और दिल्ली के लोगों को सीधे लाभ पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट दिल्ली के नागरिकों के जीवन में खुशहाली लाने वाला है। यह किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों, उद्यमियों और व्यापारियों सभी के जीवन को सशक्त करेगा।
मंत्री ने बताया कि बजट में किसानों की आय दोगुनी करने पर खास ध्यान दिया गया है। महिला किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को बाजार से जोड़ने के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। भारत-विस्तार एआई प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार तुरंत सलाह मिलेगी, जिससे उत्पादन और आय दोनों में सुधार होगा।
महिलाओं के लिए बजट को महत्वपूर्ण बताते हुए सिरसा ने कहा कि महिलाओं से जुड़ी योजनाओं के लिए बजट में 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है और लगभग 5 लाख करोड़ रुपये महिलाओं के लिए तय किए गए हैं। लखपति दीदी 2.0 के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को 5 लाख रुपये तक का बिना गारंटी ऋण मिलेगा ताकि वे अपना व्यवसाय शुरू कर सकें। उन्होंने कहा कि दिल्ली की बहनें और बेटियां आत्मनिर्भर बनेंगी और आगे बढ़ेंगी। महिलाओं के उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए ‘शे मार्ट’ भी स्थापित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में बजट में 300 नए स्किल सेंटर और 19 नए प्रशिक्षण संस्थान खोलने का प्रावधान किया गया है, इसके लिए बजट में करीब 62 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। शिक्षा पर खर्च बढ़ाकर 1.39 लाख करोड़ रुपये किया गया है, जो पिछले वर्ष से 8.27 प्रतिशत अधिक है। इसमें पांच नए विश्वविद्यालय टाउनशिप की स्थापना भी शामिल है। 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित की जाएंगी, जिससे लगभग 20 लाख युवाओं को रोजगार योग्य कौशल मिलेगा।
सिरसा ने बताया कि दिल्ली–वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बजट में घोषित सात नए रेल कॉरिडोरों में शामिल है। इससे यात्रा आसान होगी और प्रदूषण भी कम होगा। उन्होंने दोहराया, “दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाना हमारी प्राथमिकता है।
एमएसएमई, स्टार्टअप और उद्योग के लिए बजट में 10,000 करोड़ रुपये का एसएमई ग्रोथ फंड, छोटे व्यापारियों के लिए विशेष छूट योजना, स्टार्टअप इंडिया फंड साथ ही प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क और 2,300 करोड़ रुपये का निर्यात प्रोत्साहन मिशन शामिल है। दवा उद्योग को मजबूत करने के लिए बायो-फार्मा शक्ति जैसी योजनाएं लाई गई हैं। सिरसा ने कहा कि ये कदम दिल्ली के व्यापार और उद्योग के लिए संजीवनी साबित होंगे।
उन्होंने बताया कि केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत 13,611 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे दिल्ली को आने वाले समय में लाभ मिलेगा। दिल्ली पुलिस के लिए 12,500 करोड़ रुपये का फंड और देशभर के केंद्रीय अस्पतालों, जिनमें दिल्ली के एम्स, सफदरजंग, आरएमएल और लेडी हार्डिंग अस्पताल शामिल हैं, के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
सिरसा ने कहा कि दिल्ली की उधारी सीमा बढ़ाकर 21,000 करोड़ रुपये करने से केंद्र सरकार ने दिल्ली के विकास को नई गति दी है। इससे बुनियादी ढांचे और जनकल्याण के कार्यों को बड़ा बल मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली सरकार ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में अपने संकल्प के अनुसार होली और दीपावली पर लगभग 17 लाख पात्र परिवारों को मुफ्त एलपीजी सिलेंडर की आर्थिक मदद देने का फैसला लिया है, जो सीधे डीबीटी के माध्यम से दिए जाएंगे। होली के लिए यह लाभ जल्द जारी किया जाएगा।