नई दिल्ली, 04 फ़रवरी । साकेत कोर्ट ने पत्रकार रजत शर्मा की आपराधिक मानहानि याचिका पर सुनवाई करते हुए कांग्रेस नेताओं रागिनी नायक, पवन खेड़ा और जयराम रमेश को नोटिस जारी किया है। जुडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास देवांशी जनमेजा ने तीनों कांग्रेस नेताओं को 27 जुलाई को पेश होने का आदेश दिया।
दरअसल, पत्रकार रजत शर्मा ने याचिका दायर कर कहा है कि 4 जून, 2024 को न्यूज चैनल पर एक शो के दौरान कथित रुप से कांग्रेस नेता रागिनी नायक ने अपने ट्विटर हैंडल पर रजत शर्मा पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अपने शो के दौरान रागिनी नायक को गाली दी। 4 जून, 2024 के शो को लेकर ये आरोप रागिनी नायक ने 10 जून, 2024 को अपने एक्स हैंडल पर आरोप लगाया कि रजत शर्मा ने उन्हें गाली दी। 4 जून का शो 2024 के लोकसभा चुनाव की मतगणना के दौरान का था।
रजत शर्मा की याचिका में कहा गया है कि न्यूज चैनल पर शो के 6 दिन बाद रागिनी नायक ने जानबूझकर रजत शर्मा के खिलाफ उन्हें बदनाम करने के लिए ट्वीट किया। उस ट्वीट को कांग्रेस नेताओं ने अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया। ऐसा कर रागिनी नायक और दोनों कांग्रेस नेताओं ने रजत शर्मा को बदनाम करने की कोशिश की। रजत शर्मा ने इन आरोपों को मानहानि वाला बताया है।
याचिका में कहा गया है कि रजत शर्मा पिछले 40 सालों से ज्यादा से पत्रकारिता में हैं और वे अपने सभ्य व्यवहार के लिए जाने जाते हैं और उन्होंने टीवी स्क्रीन पर कभी भी किसी पर चिल्लाकर भी बात नहीं की। कांग्रेस नेता रागिनी नायक को भी छह दिन बाद तब पता चला है जब उनके किसी फॉलोवर ने उसे सुना होगा। उसके बाद जानबूझकर रजत शर्मा को बदनाम करने के लिए गाली वाला वीडियो ट्वीट में डाला गया। उसके बाद इंडिया टीवी ने रागिनी नायक और कांग्रेस नेताओं जयराम रमेश और पवन खेड़ा को टैग करते हुए सार्वजनिक रुप से कहा कि उन्होंने जो आरोप लगाए हैं वे झूठे और बेबुनियाद हैं। इंडिया टीवी ने कहा था कि ये आरोप मानहानि वाले हैं और वे फेक न्यूज की श्रेणी में आते हैं।