केंद्रीय बजट 2026 भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था और आत्मविश्वास का प्रतीक: हरदीप सिंह पुरी

देहरादून, 08 फरवरी । केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और आत्मविश्वास को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद देश में मौलिक बदलाव आए हैं और यह बजट पूंजीगत व्यय, अवसंरचना, रक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा पर केंद्रित है।

शनिवार को राजपुर रोड स्थित एक होटल में केन्द्रीय बजट 2026 पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह बजट विकास को बढ़ावा देने और राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने के बीच संतुलन स्थापित करता है। उन्होंने कहा कि भारत ने 2014 से लेकर अब दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने तक की यात्रा तय की है। उन्होंने बजट को दूरदर्शी और समेकन-उन्मुख बताते हुए कहा कि यह पिछले दशक में रखी गई नींव पर आधारित है और भारत को वैश्विक नेतृत्व के अगले चरण के लिए तैयार करता है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि 7.4 प्रतिशत अनुमानित है, जो खपत और निवेश से प्रेरित है। इसके साथ ही वैश्विक विकास लगभग 3 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 में कुल पूंजीगत व्यय 12.2 लाख करोड़ रुपये है, जो 2013-14 की तुलना में 430 प्रतिशत से अधिक बढ़ा है। पुरी ने इस बात पर जोर दिया कि पिछले एक दशक में भारत की विकास यात्रा में मानव पूंजी विकास का विशेष योगदान रहा है। 2014 से लेकर अब तक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) की संख्या 16 से बढ़कर 23 हो गई है, भारतीय प्रबंधन संस्था (आईआईएम) की संख्या 13 से बढ़कर 21 हो गई है, एम्स की संख्या 7 से बढ़कर 23 हो गई है और मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 से बढ़कर 819 हो गई है।

अवसंरचना विस्तार पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री पुरी ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई 91,000 किमी से बढ़कर 1.46 लाख किमी हो गई है। मेट्रो नेटवर्क 248 किमी से 1,000 किमी से अधिक और हवाई अड्डों की संख्या 70 से लगभग 160 हो गई है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में 57,000 किमी से अधिक राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण हुआ, जिससे सालाना लगभग 33 करोड़ व्यक्ति-दिवस का रोजगार पैदा हुआ।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आधारभूत संरचना पर खर्च देश की विकास दर को तेज करने वाला प्रमुख इंजन बन गया है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग विकास पर खर्च किए गए प्रत्येक रुपये से जीडीपी में लगभग 3.2 की बढ़ोतरी होती है। उन्होंने रक्षा और रणनीतिक क्षमताओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि 2014 से लगातार निवेश ने आयात पर निर्भरता कम करने में मदद की है और आत्मनिर्भर भारत विजन के तहत स्वदेशी रक्षा निर्माण में तेजी आई है।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2014 से भारत के एक प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्था के रूप में हुए एक दशक के परिवर्तन को मान्यता देता है और सतत, समावेशी और नवाचार-संचालित विकास की नींव को मजबूत करने पर केंद्रित है। उन्होंने इसे राष्ट्र निर्माण का बजट बताया।

इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महिला मोर्चा की ओर से शनिवार को देहरादून स्थित पार्टी मुख्यालय में केंद्रीय बजट 2026 पर आयोजित “महिला संवाद” कार्यक्रम में भी केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बजट की हर घोषणा महिलाओं को केंद्र में रखकर तैयार की गई है, ताकि वे विकसित भारत की संकल्पना में समान भागीदार बन सकें। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी के आर्थिक सशक्तिकरण का एक ठोस ब्लूप्रिंट है। उन्होंने जानकारी दी कि कैसे इस बार का बजट ‘लखपति दीदी’ जैसी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका बढ़ाएगा और स्टार्टअप्स व मुद्रा ऋण के जरिए शहरी महिलाओं के उद्यमशील सपनों को नई उड़ान देगा। उन्होंने कहा कि बजट नारीशक्ति और महिला सशक्तिकरण पर विशेष फोकस के साथ तैयार किया गया है।

केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने उत्तराखंड को बजट आवंटन का लेकर कहा कि 2014 में राज्य को औसतन 190 करोड़ रुपये मिलते थे, जो अब बढ़कर 4,760 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। उन्होंने महिला लाभों के लिए शुरू की गई योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छता अभियान और गैस कनेक्शन वितरण का भी जिक्र किया।

कार्यक्रम में भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट ने केंद्रीय बजट की सराहना करते हुए कहा कि यह महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, स्वरोजगार, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के लिए अभूतपूर्व है।