नई दिल्ली, 11 फ़रवरी । दिल्ली उच्च न्यायालय ने सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन का हिंदी नाम बदलकर सर्वोच न्यायालय करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी को करने का आदेश दिया।
वकील उमेश शर्मा ने दायर याचिका में मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन का नाम हिन्दी में सर्वोच्च न्यायालय रखा जाए। याचिका में कहा गया है कि सेंट्रल सेक्रेटेरियट मेट्रो स्टेशन का नाम हिन्दी में केंद्रीय सचिवालय और दिल्ली यूनिवर्सिटी मेट्रो स्टेशन का नाम हिन्दी में दिल्ली विश्वविद्यालय है। उसी तरह सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर सर्वोच्च न्यायालय रखा जाना चाहिए। याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आधिकारिक वेबसाइट पर इसका हिन्दी में नाम भारत का सर्वोच्च न्यायालय है।
याचिका में कहा गया है कि आफिशियल लैंग्वेज एक्ट और उसके रुल्स के मुताबिक केंद्रीय विभागों के सभी साईनबोर्ड अंग्रेजी और हिन्दी में होने चाहिए। हिन्दी में नाम देवनागरी लिपि में लिखा होना चाहिए। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने दिल्ली मेट्रो को मेट्रो स्टेशन का नाम सुप्रीम कोर्ट रखने का सुझाव भेजा और वो मेट्रो प्रशासन के पैनल की ओर से स्वीकार कर लिया गया। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कहा कि हिन्दी में अनुवाद करने में विभाग काफी आलसी हैं। वे गृह मंत्रालय जा सकते थे। एक राजभाषा विभाग भी है। अगर उन्हें कोई समस्या है तो वे इसका अनुवाद करा सकते थे, लेकिन वे हिन्दी भाषा को खराब कर रहे हैं।