देवडोलियों के सानिध्य में रवांई बसंतोत्सव ‘बजार की जातर’ का शुभारंभ

उत्तरकाशी, 12 फ़रवरी । रवांई क्षेत्र की लोक आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक चार दिवसीय रवांई बसंतोत्सव ‘बजार की जातर’ का शुभारंभ गुरुवार को 26 गांवों के ईष्ट मटिया महासु ओडारू-जखंडी महाराज की देवडोलियों के सानिध्य में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया।

परंपरा के अनुसार देवडोलियां पुजेली गांव स्थित मूल थान से ढोल-नगाड़ों के साथ नागराज मंदिर लाई गईं। इसके बाद नगर पालिका परिषद के तत्वावधान में लगभग दो किलोमीटर की पैदल यात्रा के माध्यम से देवडोलियां मेला स्थल पहुंचीं, जहां पूजा-अर्चना के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का विधिवत शुभारंभ हुआ।

पहले दिन आयोजित सांस्कृतिक संध्या में लोक गायक अज्जू तोमर ने ‘नूरी बांठेणी’, ‘ठियोग वाली’ और ‘हारुल पाणि रे पाणी रे बसोला मेरा देवा’ जैसे गीतों की प्रस्तुति दी। स्थानीय कलाकारों और जौनसारी लोक गायकों की प्रस्तुतियों पर दर्शक देर शाम तक झूमते रहे।

नगर पालिका परिषद अध्यक्ष बिहारी लाल शाह ने कहा कि रवांई बसंतोत्सव केवल मेला नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को जीवंत रखने का माध्यम है।

उल्लेखनीय है कि व्यावसायिक मेला एक फरवरी से प्रारंभ हो चुका था, जबकि सांस्कृतिक ‘जातर’ कार्यक्रम 12 फरवरी को देवडोलियों के सानिध्य में शुरू हुए हैं। आगामी दिनों में लोकनृत्य और लोकसंगीत की विभिन्न प्रस्तुतियां आयोजित की