चित्तौड़गढ़, 13 फ़रवरी । लक्ष्य प्राप्ति को लेकर परिवहन विभाग की ओर से सख्ती बरतना शुरू कर दिया है। जिला मुख्यालय से पहुंची विभागीय टीम ने तीन दिन तक रावतभाटा में कार्रवाई की है। टीम ने कुल 42 लाख की राजस्व वसूली की है। साथ ही 45 वाहन सीज किए हैं, जिनसे करीब एक करोड़ रुपये के राजस्व आय की उम्मीद है। जिला मुख्यालय से दूरस्थ इलाके में लंबे समय बाद बड़े स्तर पर कार्रवाई की है। इससे भारी वाहन के चालकों में हड़कंप मच गया।
प्रादेशिक परिवहन अधिकारी नेमीचंद पारीक ने बताया कि मार्च माह में निर्धारित राजस्व वसूली के लक्ष्य को लेकर परिवहन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। रावतभाटा में परिवहन विभाग पिछले तीन दिनों से मशक्कत कर रहा है। तीन दिनों में 10 वाहनों से 42 लाख रुपये का बकाया वसूला गया। वहीं 45 वाहन सीज किए गए, जिनसे विभाग को एक करोड़ रुपए से अधिक के राजस्व वसूली की उम्मीद है। आरटीओ पारीक ने बताया कि जिला परिवहन अधिकारी एसएन शाह, निरीक्षक सुशील उपाध्याय व रविंद्र जूरिया की टीम को भेजा गया था। टीम ने बुधवार को करीब एक दर्जन बस, ट्रक वाहन मालिकों को बकाया टैक्स के नोटिस दिए। इसमें शुक्रवार शाम तक 42 लाख रुपये जमा हो गए। वहीं टीम ने राजस्थान परमाणु विधुत परियोजना ईकाई 7 व 8 में बड़ी कार्रवाई की। यहां बिना टैक्स चुकाए चल रहे 45 वाहन सीज कर दिए। साथ ही वाहन मालिकों को नोटिस दिए हैं। इन वाहनों से विभाग को एक करोड़ रुपये से अधिक के राजस्व जमा होने की उम्मीद है। परिवहन विभाग ने शुक्रवार को एक ओवरलोड वाहन का चालान बना कर 50 हजार रुपये जुर्माना भी वसूला है। इधर, जिला परिवहन अधिकारी एनएन शाह ने बताया कि राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति के लिए विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। सभी वाहन मालिकों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे कि बकाया टैक्स जरूर जमा करा दें। ऐसा नहीं होने पर अब वाहन मालिकों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत ओवरलोड वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।