राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में शनिवार को शहर के महामाया मंदिर क्षेत्र में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में आपसी भाईचारे को बढ़ाने तथा राष्ट्र हित मे हिंदू एकता का संकल्प लिया गया। सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के भरतपुर विभाग के कुटुंब प्रबोधन संयोजक अनुराग शर्मा ने कहा कि हमारे धर्म ग्रंथ और इतिहास गवाह है कि जब-जब हिंदू समाज बिखरा है, तब-तब हमारी संस्कृति पर संकट आया है। आज का यह सम्मेलन हमें संदेश देता है कि संगठन ही शक्ति है। हमें कन्याकुमारी से हिमालय तक एकजुट होकर खड़ा होना होगा, तभी हम अपने धर्म और राष्ट्र की रक्षा कर सकते हैं। इसके साथ ही जात-पात तथा अमीर गरीब का भेद छोड़कर सबको साथ लेकर ही हम एक समृद्व एवं सशक्त राष्ट्र बना सकते हैं। अध्यक्षता कर रहे वेद विज्ञान संस्थान के महंत शिवानंद महाराज ने कहा कि हिंदू समाज में राष्ट्रचेतना,सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय भावना को सुदृढ़ करना है। ऐमे सम्मेलन समाज को उसके संस्कारों,परंपराओं और मूल्यों से जोड़ते हुए संगठन समरसता और सेवाभाव मजबूत करते हैं। प्राचीन गंगाबाई बगीची के महंत हनुमान दास महाराज ने कहा कि हम सब यहां एक पवित्र उद्देश्य के लिए उपस्थित हुए है। यह केवल भीड़ नहीं बल्कि हिंदू समाज की शक्ति का प्रदर्शन है। यह समय अपनी खोई हुई ऊर्जा को जगाने और प्राचीन सनातनी पहचान पर गर्व करने का है। सम्मेलन में कबीर आश्रम के महंत अमृतदास महाराज ने भजनों के माध्यम से हिंदू एकता का संदेश दिया। सम्मेलन का संचालन करते हुए महामाया मंदिर कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र कश्यप ने हिंदू सम्मेलन के उदेश्य तथा उपयोगिता पर प्रकाश डाला तथा वर्तमान परिप्रेक्ष्य में हिंदू एकता को राष्ट्र एवं समाज की प्रगति के लिए आवश्यक बताया। प्रसिद्व लोक गायक हरेंद्र शर्मा ने मां भारती की वंदना एवं देशभक्ति गीत की मनोहारी प्रस्तुति दी। आयोजन से पूर्व महामाया मंदिर से सम्मेलन स्थल तक भव्य कलश यात्रा भी निकाली गई।