काठमांडू, 15 फ़रवरी । नेपाल में सोमवार से शुरू हो रहे चुनाव प्रचार से पहले निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए 64 बिंदुओं वाला निर्देश जारी किया है। निर्वाचन आयोग में रविवार को अपने मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कार्यवाहक मुख्य निर्वाचन आयुक्त राम प्रसाद भंडारी ने बताया कि यह निर्देश निर्वाचन आचार संहिता के प्रावधानों को शामिल करते हुए जारी किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि नेपाल में आगामी 05 मार्च को आम चुनाव के लिए मतदान होना है।
आयोग के अनुसार, उम्मीदवारों को 16 फरवरी से 2 मार्च तक ही रैलियां, आम सभाएं, रोड शो और घर-घर जाकर प्रचार करने की अनुमति होगी। प्रचार गतिविधियां केवल सुबह 7:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक ही की जा सकेंगी। आयोग ने यह भी अनिवार्य किया है कि चुनाव से संबंधित सभी खर्च बैंक या वित्तीय संस्थानों के माध्यम से ही किए जाएं। उम्मीदवारों को चुनाव परिणामों की घोषणा के 35 दिनों के भीतर आयोग में अपने चुनावी खर्च का पूर्ण विवरण जमा करना होगा। इसके अलावा, चुनाव चिह्न लगे सामान—जैसे टी-शर्ट, टोपी, बैग, मास्क या लॉकेट—का वितरण और उपयोग प्रतिबंधित कर दिया गया है।
कार्यवाहक मुख्य निर्वाचन आयुक्त भंडारी ने कहा कि आयोग आचार संहिता के पालन की नियमित निगरानी करेगा। उल्लंघन पाए जाने पर चेतावनी, जुर्माना से लेकर उम्मीदवारी रद्द करने तक की कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने विश्वास जताया कि राजनीतिक दल और उम्मीदवार आचार संहिता का पालन करेंगे, क्योंकि इसे राजनीतिक हितधारकों और सरकार से परामर्श के बाद तैयार किया गया है।
भंडारी ने आगे बताया कि आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों को अधिकतम छह वर्षों तक किसी भी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा में भाग लेने से अयोग्य ठहराया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि आयोग ने मतदाता शिक्षा के लिए पहले ही बजट आवंटित कर दिया है और यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ी निगरानी की जा रही है कि धन का सही उपयोग हो रहा है।