रांची, 15 फरवरी । महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से सेवा केंद्र, चौधरी बगान, हरमू रोड, रांची में रविवार को विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और आध्यात्मिक प्रवचनों का लाभ उठाया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्र संचालिका ब्रह्माकुमारी निर्मला बहन ने कहा कि महाशिवरात्रि केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आत्मजागृति और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देने वाला पावन अवसर है। उन्होंने कहा कि जब-जब धरती पर अधर्म और विकार बढ़ते हैं, तब निराकार शिव परमात्मा मानव रूप के माध्यम से दिव्य कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं।
उन्होंने भारत की आध्यात्मिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देशभर में स्थापित शिवलिंग निराकार शिव परमात्मा की महिमा और उनकी उपस्थिति का प्रतीक हैं, जो भारत की आध्यात्मिक पहचान को दर्शाते हैं।
निर्मला बहन ने बताया कि विभिन्न धर्मों और समुदायों में परमात्मा को अलग-अलग नामों भगवान, गॉड, खुदा या अल्लाह से पुकारा जाता है, लेकिन सभी का मूल स्रोत एक ही परम सत्ता है। उन्होंने कहा कि राजयोग और ईश्वरीय ज्ञान के माध्यम से व्यक्ति अपने नकारात्मक संस्कारों को परिवर्तित कर सकारात्मक, शांत और पवित्र जीवन जी सकता है।
उन्होंने पवित्रता को सुख और शांति का आधार बताते हुए सभी से आध्यात्मिक जीवन अपनाने और आत्मिक मूल्यों को अपने जीवन में उतारने का आह्वान किया।———–