गुरुग्राम, 16 फ़रवरी । चाइना बैठे ठगों को सपोर्ट देने के लिए गुरुग्राम में नागालैंड की रहने वाली महिला को पुलिस ने गृह मंत्रालय की टीम के साथ मिलकर काबू किया है। वह अपने पति के साथ मिलकर गुरुग्राम में अवैध कॉल सेंटर चला रही थी। आरोपी महिला की पहचान कुंग पंमई निवासी दीमापुर नागालैंड के रूप में हुई है। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने सोमवार को बताया कि वह गुरुग्राम में सेक्टर-28 में रह रही थी।
साइबर थाना ईस्ट पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति अपनी पत्नी के साथ मिलकर सेक्टर-28 में साइबर ठगी के लिए वर्चुअल सिम बॉक्स लगाया हुआ है। वह अवैध टेलीफोन एक्सचेंज संचालित कर रहा है। जिससे अंतरराष्ट्रीय वीओआईपी कॉल को लोकल वॉइस कॉल में परिवर्तित करके साइबर अपराधियों द्वारा विदेश में बैठकर भारतीय लोगों के साथ कॉल करके उनके साथ डिजिटल अरेस्ट, गेमिंग और इनवेस्टमेंट की ठगी की जा रही है। सिम बॉक्स अत्याधुनिक परिष्कृत सेटअप है, जिसका विदेशों में स्थित आतंकवादी और राष्ट्र विरोधी समूह अपने स्थानीय कैडर, स्लीपर सेल, समर्थकों से संपर्क करने के लिए और साइबर ठगी के लिए वीओआईपी कॉल रूटिंग का उपयोग करते हैं। अवैध वीओआईपी कॉल रूटिंग देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए हानिकारक है। जिसके बाद कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सेक्टर-28 के एक बिल्डिंग में छापेमारी की। यहां एक बिल्डिंग में चौथी मंजिल पर एक किराए के मकान में तीन मोबाइल फोन चालू हालत में मिले जो तीनों मोबाईल फोन अपने आप चल रहे थे। उन मोबाइल फोन से अपने आप अलग-अलग भारतीय नंबरों पर कॉल जाती हुई मिली। मोबाईल फोन एक नंबर से फोन कटने के बाद दूसरे नंबर पर फोन अपने आप कॉल कर रहे थे। उन मोबाईल फोन्स की स्क्रीन पर वीडीएमस एपीके ऐप दिखाई दे रही थी। पुलिस ने यहां एक महिला को काबू कर लिया। जिसकी पहचान कुंग पंमई (30) निवासी दीमापुर (नागालैंड) वर्तमान निवासी सेक्टर-28, जिला गुरुग्राम (हरियाणा) के रूप में हुई। पुलिस ने आरोपी महिला के कब्जे से सात मोबाइल (3 स्मार्ट मोबाइल फोन, एक कीपैड फोन, तीन टूटे हुए फोन), एक वाईफाई मॉडम, तीन सिम कार्ड व एकटूटा हुआ लैपटॉप बरामद किया है।