सहकारिता आत्मनिर्भर भारत की नींव को करेगी और सशक्त : अनुराग ठाकुर

शिमला, 17 फ़रवरी । पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि सहकार से समृद्धि अब केवल नारा नहीं, बल्कि देशभर में प्रभावी विकास मॉडल के रूप में स्थापित हो चुका है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 सहकारिता आंदोलन को नई ऊर्जा देगा और आत्मनिर्भर भारत की नींव को और मजबूत करेगा।

ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारी क्षेत्र को सुदृढ़ और परिणामोन्मुख दिशा मिली है। बजट में सहकारिता मंत्रालय के लिए 1,744.74 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्राथमिक कृषि ऋण समितियों के संगणकीकरण हेतु 364 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जिससे समितियां प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, कृषि विपणन मंचों और बैंकिंग प्रणाली से जुड़ सकेंगी। सूचना प्रौद्योगिकी आधारित सुदृढ़ीकरण के लिए 26 करोड़ रुपये का प्रावधान पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को बढ़ाएगा।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में 5,792 सहकारी समितियां सक्रिय हैं, जिनमें 2,307 प्राथमिक कृषि ऋण समितियां और 1,194 दुग्ध सहकारिताएं शामिल हैं। संगणकीकरण से पहाड़ी क्षेत्रों में ऋण वितरण सशक्त होगा तथा छोटे किसानों, बागवानों और पशुपालकों को समय पर सहायता मिलेगी।

ठाकुर ने बताया कि राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम को 500 करोड़ रुपये का अनुदान भंडारण, शीत श्रृंखला और प्रसंस्करण परियोजनाओं को गति देगा। वहीं राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड को 450 करोड़ रुपये का प्रावधान सहकारी संस्थाओं को वैश्विक बाजार से जोड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह बजट ग्रामीण रोजगार, मूल्य संवर्धन और निर्यात वृद्धि के माध्यम से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा प्रदान करेगा।