कानपुर, 18 फरवरी । भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में हो रहे तेज़ विकास और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश की बढ़ती भूमिका के बीच कानपुर के लिए गर्व का क्षण सामने आया है। चंद्रशेखर आज़ाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से जुड़े पूर्व अधिष्ठाता एवं इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉक्टर एनके शर्मा ने बताया कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाना इस बात का संकेत है कि देश एआई तकनीक के नए युग में प्रवेश कर चुका है।
डॉ. एनके शर्मा ने बुधवार को बताया कि उत्तर प्रदेश के एटा जनपद के थाना बिजौर क्षेत्र के गांव कुरीना दौलतपुर से निकलकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचे कमांडर विवेक युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरे हैं। कमांडर विवेक ने वर्ष 2010 में इटावा के इंजीनियरिंग कॉलेज से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में स्नातक की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने भारतीय नौसेना में सेवा देकर अपने करियर की शुरुआत की। उनकी तकनीकी दक्षता और दूरदृष्टि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली, जब उन्हें यूनाइटेड किंगडम सरकार की प्रतिष्ठित साइबर सुरक्षा फेलोशिप के लिए चुना गया।
वर्तमान में कमांडर विवेक भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय में निदेशक (सूचना प्रौद्योगिकी एवं साइबर सुरक्षा) के पद पर कार्यरत हैं। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में प्रभावी सहभागिता के बाद उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी आमंत्रण मिल रहे हैं। हाल ही में ब्रिटिश उच्चायोग द्वारा आयोजित एआई समिट में उन्हें विशेष रूप से आमंत्रित किया गया।
कमांडर विवेक की उपलब्धि यह दिखाती है कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व किया जा सकता है। यह युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।