खूंटी, 18 फ़रवरी । कोयलकारो जनसंगठन और गुड़िया पड़हा की संयुक्त बैठक बुधवार को तपकरा प्रखंड के गुटूहातु गांव में जोन जुरसेन गुड़िया की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।
बैठक में पेसा नियमावली:2025, सीएनटी एक्ट और एसपीटी एक्ट के प्रबंधन के सीएजी की ओर से अंकेक्षण और मूल्यांकन पर रोक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए झारखंड उलगुलान संघ के संयोजक अलेस्टेयर बोदरा ने आरोप लगाया कि झारखंड की अबुआ सरकार आदिवासियों के हितों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि पेसा नियमावली
-2025 को कैबिनेट में लाने से पहले जनजातीय सलाहकार परिषद (टीएसी) की सहमति नहीं ली गई। साथ ही सीएजी की ओर से सीएनटी और एसपीटी एक्ट के अंकेक्षण मूल्यांकन पर रोक के लिए टीएसी की बैठक आयोजित कर निर्णय लिया गया। इससे सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने ग्रामीणों को सचेत करते हुए कहा कि पेसा नियमावली-2025, पेसा कानून के वास्तविक क्रियान्वयन के बजाय झारखंंड पंचायत राज अधिनियम-2001 के तहत अधिक प्रभावी दिखाई देती है। अधिनियम की धारा 10 की उपधारा 9 का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्राम सभा को सौंपे गए अधिकारों को सामान्य या विशेष आदेश से वापस भी ले सकती है, जो आदिवासी स्वशासन की भावना के विपरीत है।
बैठक में सेरेंग पतरस गुड़िया, रेजन गुड़िया, मसीहदास गुड़िया, बेनेदिक्त नवरंगी, जीवन हेमरोम, बिनोद गुड़िया, सुगड़ गुड़िया, अनाक्लेतुस कन्डुलना, प्रकाश डाहंगा ने भी अपने विचार रखा।