गुरुग्राम, 19 फरवरी । गौतीर्थ तुलसी तपोवन गौशाला वृंदावन के संचालक एवं विश्व प्रसिद्ध कथावाचक पुराण मनीषी परम पूज्य श्री कौशिक जी महाराज ने आठवें दिन की श्री शिवमहापुराण कथा एवं गोमहोत्सव में साधक की साधना सफल होने को लेकर प्रेरणादायी वचन कहे। उन्होंने कहा कि जब तक दुनियावी वस्तुओं का लालच होगा, साधना सफल नहीं होगी। व्यक्ति का भोगों का लालच जिंदगीभर खत्म नहीं होता। इसलिए वह सिद्ध पुरुष नहीं बन पाता। अगर ऐसा बनना है तो भोग, विलासिता का त्याग करना होगा। वे गुरुवार को ओल्ड जेल कॉम्पलेक्स में कथा के आठवें दिन प्रवचन कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सिद्ध व्यक्ति स्वयं रतन की तरह हो जाता है। बिना मांगे सब मिल जाता है। वो जो बोलता वही पूरा हो जाता है। साधक की साधना सफल होने के लक्षणों पर पूज्य गुरुजी ने कहा कि लक्षणों से पता चलेगा हमारी साधना सफल हो रही है। जिसकी साधना सफलता की ओर से बढ़ेगी उसकी वाणी में मधुरता, क्रोध पर नियंत्रण नजर आएगा। कोई कुछ भी कहे, कोई अपमान करे तो भी उसे फर्क नहीं पड़ेगा। जिस व्यक्ति में यह लक्षण नजर आएं तो समझें उसकी साधना सफल हो रही है। श्री कौशिक जी महाराज ने कहा कि व्यक्ति चलते हुए दिशाओं को प्रणाम कर रहे हैं। बच्चों को ईश्वर का रूप समझकर प्रणाम कर रहे हैं तो समझें साधना, भजन बढ़ रहे हैं। छोटों में छोटे, युवाओं में युवा, वृद्धों में वृद्ध हो जाए तो समझो साधना बढ़ रही है।
उन्होंने पानी के गुणों का जिक्र करते हुए कहा कि पानी की गुणवत्ता यही है कि वह दूध में मिल जाता है तो दूध बन जाता है। रस में मिल जाता है तो रस बन जाता है। पानी के जैसा ही साधक को होना चाहिए। वह महात्माओं के पास बैठे तो महात्मा हो जाए। बच्चों के साथ बच्चा और बड़ों के साथ विवेकी बन जाए। गुरुजी ने कहा कि साधक की महिमा अद्भुत होती है। श्री कौशिक जी महाराज ने कहा कि नारायण जी की सवारी गरुड़ है, महादेव की सवारी नंदी है, गणेश जी का वाहन चूहा है। सभी देवताओं ने कभी अपने वाहन नहीं बदले। इसके पीछे बड़ी महिमा है। क्योंकि सभी देवता संतुष्ट हैं। दूसरी बात यह कि देवताओं ने पशुओं को अपना वाहन बनाकर यह संदेश दिया कि पशु मारने के लिए नहीं हैं। उनका सम्मान करें संरक्षण करें। उन्होंने कहा कि 12 ज्योतिर्लिंग का अगर दर्शन इंसान कर ले तो वह पाप करने की ही ना सोचे। उन्होंने कहा कि कोई सुबह इन ज्योतिर्लिंगों का स्मरण कर ले तो उसके रातभर के पाप समाप्त हो जाते हैं और रात को सोते समय स्मरण कर ले तो दिनभर के पाप समाप्त हो जाते हैं।