उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने दी निवेश, कृषि,महिला एवं बाल विकास सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी

देहरादून, 25 फरवरी । उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में शिक्षा, जल प्रबंधन, न्यायिक व्यवस्था, निवेश प्रोत्साहन, कृषि, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई है। बुधवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक संपन्न हुई। विधानसभा सत्र की तिथि तय होने से मंत्रिमंडल की बीफ्रिंग नही हुई। जानकारी के अनुसार मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड अवसंरचना एवं निवेश विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) के बढ़ते कार्यों को देखते हुए 14 नए पद सृजित करने की स्वीकृति दी। बोर्ड वर्तमान में हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर, शारदा रिवर फ्रंट, डाकपत्थर मास्टर प्लान और श्रीनगर के बेलकंडी-बेलकेदार क्षेत्र के विकास जैसी परियोजनाओं पर कार्य कर रहा है।

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप संचालित ‘मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना’ का विस्तार करते हुए 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों को भी इसमें शामिल करने का निर्णय लिया गया। साथ ही स्वामी विवेकानंद के नाम पर ‘स्वामी विवेकानंद उत्तराखंड ई-पुस्तकालय योजना’ को मंजूरी दी गई, जिसके तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में ई-बुक्स, जर्नल्स और डिजिटल अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।

वन विभाग सर्वेक्षक सेवा नियमावली में संशोधन,11 नगर निगमों में पर्यावरण अभियंताओं के पद सृजन और ‘सेब की अत्याधुनिक नर्सरी विकास योजना-2026’ को भी स्वीकृति दी गई। उच्च घनत्व सेब नर्सरी स्थापित करने पर 50 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान किया गया है।

राज्य में “मौन पालन नीति-2026′ लागू करने का निर्णय भी लिया गया है,जिसके माध्यम से एपिस मेलिफ़ेरा और एपिस सेराना आधारित मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देकर किसानों की आय में वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है।

मंत्रिमंडल ने भारत का सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में चार विशेष शिक्षकों को नियमित नियुक्ति देने का निर्णय लिया। महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत बाल और महिला पोषण योजनाओं में अतिरिक्त खाद्य सामग्रियां शामिल करने को भी मंजूरी दी गई।

राज्य में जीएसटी अपीलीय अधिकरण की राज्य पीठ देहरादून में यथावत रखते हुए हल्द्वानी में अतिरिक्त पीठ स्थापित करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (संशोधन) विधेयक-2026 को भी मंजूरी दी गई।

जल प्रबंधन के क्षेत्र में विश्व बैंक के सहयोग से 1600 करोड़ रुपये की ‘उत्तराखंड दक्ष जलापूर्ति कार्यक्रम’ को स्वीकृति दी गई, जिसमें 1280 करोड़ रुपये विश्व बैंक और 320 करोड़ रुपये राज्य सरकार की ओर से वहन किए जाएंगे। साथ ही उपचारित जल के सुरक्षित पुनः उपयोग के लिए नई नीति को मंजूरी प्रदान की गई। न्यायिक ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए तीन नए फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट स्थापित किए जाएंगे और उत्तराखंड उच्च न्यायालय सहित जिला न्यायालयों में कुल 14 कोर्ट मैनेजर पद सृजित किए गए हैं।

इसके अतिरिक्त कारागार प्रशासन में पद पुनर्गठन,चकबंदी विभाग में नए पद सृजन,दुकानों एवं स्थापना अधिनियम में संशोधन,स्टोन क्रेशर नीति में बदलाव और ‘उत्तराखंड जन विश्वास (संशोधन) विधेयक-2026’ को भी मंत्रिमंडल की स्वीकृति मिली।

सरकार का कहना है कि इन निर्णयों से राज्य में सुशासन, निवेश, शिक्षा, कृषि और न्यायिक प्रणाली को मजबूती मिलेगी और रोजगार और आधारभूत विकास को गति प्राप्त होगी।