जयपुर, 04 मार्च । राजस्थान हाईकोर्ट ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती में कट ऑफ से अधिक अंक होने के बावजूद अभ्यर्थी का चयन नहीं करने और उसकी कैटेगरी नहीं बदलने के मामले में प्रमुख कार्मिक सचिव और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के सचिव से जवाब मांगा है। जस्टिस आनंद शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश राधेश्याम जाटव की याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में अधिवक्ता विजय पाठक ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती में एससी वर्ग के दिव्यांग कोटे में आवेदन किया था। आवेदन करने के दौरान ई-मित्र संचालक की गलती के चलते चयन बोर्ड ने उसे एससी वर्ग में माना और दिव्यांग कोटे का लाभ नहीं दिया। वहीं बोर्ड की ओर से जारी परिणाम में याचिकाकर्ता के एससी दिव्यांग कोटे की कट ऑफ से अधिक अंक आए। इस पर याचिकाकर्ता ने बोर्ड के समक्ष समस्त प्रमाण पत्रों के साथ कैटेगरी बदलने के लिए अभ्यावेदन दिया, लेकिन उस पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। जबकि याचिकाकर्ता के पास मेडिकल बोर्ड की ओर से जारी दिव्यांग प्रमाण पत्र सहित सभी जरूरी दस्तावेज हैं, इसके बावजूद भी उसे नियुक्ति नहीं दी जा रही। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है।