बलरामपुर, 07 मार्च ।राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को समूहों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी पहल का सकारात्मक परिणाम यह है कि अब ग्रामीण महिलाएं विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों से जुड़कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं।
जिले के बलरामपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत धनगांव के दामोदरपुर की निवासी ज्योति पाल भी ऐसी ही महिलाओं में शामिल हैं, जिन्होंने निर्माण कार्य से जुड़कर सफल उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बनाई है।
दामोदरपुर में गठित दीप स्वयं सहायता समूह में कुल 11 महिला सदस्य शामिल हैं। समूह की नियमित बैठक, बचत, आंतरिक ऋण और बैंक लिंकेज की प्रक्रिया राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के मानकों के अनुरूप संचालित की जा रही है। इसी समूह की सदस्य ज्योति पाल ने समूह से मिले सहयोग और मार्गदर्शन के आधार पर अपनी आजीविका गतिविधि को आगे बढ़ाया।
ज्योति पाल बताती हैं कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्राम और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में मकानों का निर्माण कार्य शुरू हुआ, जिससे सेंट्रिंग प्लेट की मांग बढ़ने लगी। उन्होंने इसे एक संभावित व्यवसायिक अवसर के रूप में पहचाना और निर्माण कार्य से जुड़कर स्थायी आय का स्रोत विकसित करने का निर्णय लिया।
समूह से प्राप्त सामुदायिक कोष से 15 हजार रुपये का ऋण, बैंक लिंकेज के माध्यम से 40 हजार रुपये की सहायता और अपनी बचत से 20 हजार रुपये मिलाकर कुल 75 हजार रुपये का निवेश कर उन्होंने 30 सेट सेंट्रिंग प्लेट खरीदे। इन प्लेटों का उपयोग मकान निर्माण में छत ढलाई के दौरान किया जाता है। उन्होंने दामोदरपुर और आसपास के गांवों में पांच मकानों के निर्माण कार्य में प्लेट उपलब्ध कराए, वहीं बलरामपुर नगर पंचायत क्षेत्र में भी तीन मकानों के लिए सेंट्रिंग प्लेट किराये पर दिए। इससे उन्हें लगभग 1 लाख 45 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई।
प्रारंभिक निवेश की राशि समायोजित करने के बाद भी उन्हें अच्छा लाभ मिला है। इसके साथ ही ज्योति पाल अपने घर से किराना दुकान भी संचालित कर रही हैं, जहां ग्रामीणों को दैनिक उपयोग की वस्तुएं उपलब्ध कराई जाती हैं। सेंट्रिंग प्लेट व्यवसाय और किराना दुकान से उनकी वार्षिक आय लगभग दो लाख रुपये से अधिक हो रही है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है।