राष्ट्रीय एकता और अखंडता को मजबूत बनाने में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण: दीया कुमारी

जयपुर, 9 मार्च । अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद राजस्थान, जयपुर प्रांत की उच्च न्यायालय इकाई द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा कि राष्ट्रीय एकता और अखंडता को सुदृढ़ बनाने में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उच्च न्यायालय परिसर स्थित सतीश चंद्र सभागार में “महिला सशक्तिकरण में कानून की भूमिका: राष्ट्रीय एकता और अखंडता के संदर्भ में” विषय पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी समाज में न्याय, समानता और सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान करती है।

दीया कुमारी ने कहा कि महिलाओं की शिक्षा, उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता और न्यायिक क्षेत्र में उनकी बढ़ती भागीदारी न केवल राष्ट्र की प्रगति का संकेत है, बल्कि इससे राष्ट्रीय एकता और अखंडता भी और मजबूत होती है। उन्होंने महिला अधिवक्ताओं से संवाद करते हुए उन्हें महिला दिवस की बधाई दी और कहा कि जब महिलाएं निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बनती हैं तो समाज में व्यापक और समावेशी विकास का मार्ग प्रशस्त होता है।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हारीबोरिकर ने कहा कि आजादी के बाद से अब तक महिलाओं ने विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं और अपनी प्रतिभा तथा नेतृत्व क्षमता से राष्ट्र निर्माण में अहम योगदान दिया है।

इस अवसर पर भरत व्यास, माही यादव, तेजस्विनी गौतम सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। कार्यक्रम में परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री कमल परसवाल, जयपुर प्रांत अध्यक्ष प्यारेलाल, प्रांत महामंत्री अभिषेक, उच्च न्यायालय इकाई अध्यक्ष धर्मेंद्र जैन और महामंत्री धर्मेंद्र बराला ने भी विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम में न्याय क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली 35 से अधिक महिला अधिवक्ताओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन उच्च न्यायालय इकाई की मंत्री मीनल भार्गव और कार्यकारिणी सदस्य गुंजन चावला ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अधिवक्तागण एवं मातृशक्ति उपस्थित रही।