कोरबा : उपभोक्ताओ की जागरूकता से ही उपभोक्ता संरक्षण की सार्थकता

कोरबा, 12 मार्च ।कोरबा जिला उपभोक्ता आयोग ने सिपेट में उपभोक्ता जागरूकता शिविर में आज जहां छात्र – छात्राओ को उपभोक्ता जागरूकता कानून के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए उनके जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। छग राज्य उपभोक्ता आयोग के निर्देशानुसार कोरबा जिला उपभोक्ता आयोग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रो में उपभोक्ता जागरूकता शिविर के माध्यम से ग्रामीणो को उपभोक्ता कानून की जानकारी देते हुए उन्हे उनके अधिकारो से अवगत कराया जा रहा है।

इसी क्रम में आज कटघोरा विकासखंड अंतर्गत केन्द्रीय पेट्रोरसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौघोगिकी संस्थान (सिपेट) में कोरबा जिला उपभोक्ता आयोग की अध्यक्षा श्रीमती रंजना दत्ता, सदस्यगण- सुश्री ममता दास एवं पंकज कुमार देवड़ा ने छात्र-छात्राओ को उनके अधिकारों व हितों की विस्तृत जानकारी दी।

सिपेट के सभागृह में छात्र कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम के प्रारंभ मे अतिथियो के औपचारिक परिचय उपरांत सिपेट के प्रबंधक राजीव कुमार लिल्हारे, ने उपस्थित अतिथियो का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। इसके पश्चात छात्र -छात्राओ ने नाटक के माध्यम से उपभोक्ता जागरूकता का संदेश दिया गया। इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए जिला उपभोक्ता आयोग कोरबा की अध्यक्ष श्रीमती रंजना दत्ता, सदस्यगण- सुश्री ममता दास एवं पंकज कुमार देवड़ा ने संयुक्त रूप से बताया कि शिविर का उद्देश्य ग्रामीण उपभोक्ताओं, छात्र – छात्राओ को उनके अधिकारों, कर्तव्यों तथा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों से अवगत कराना है। उपभोक्ता जागरूकता ही शोषण से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। ई-जागृति पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया तथा ई-हियरिंग प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई। ई जागृति एवं ई हियरिंग से अब उपभोक्ता घर बैठे ही डिजिटल माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं तथा सुनवाई में भी ऑनलाइन शामिल हो सकते हैं, जिससे समय और संसाधनों की बचत होती है।

शिविर में छात्रो को दैनिक जीवन में सतर्कता बरतने की अपील करते हुए यह भी बताया गया कि किसी भी वस्तु को क्रय करते समय उसकी अवसान तिथि/एक्सपायरी डेट, एमआरपी, गुणवत्ता चिन्ह (आईएसआई, एगमार्क आदि) का अवलोकन अवश्य करें। क्रय की गई प्रत्येक वस्तु का पक्का बिल लेना अनिवार्य बताया गया, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उपभोक्ता अपने अधिकारों का संरक्षण कर सके। जिला आयोग में शिकायत दायर करने के लिए वाद मूल्य के आधार पर पंजीयन शुल्क 5 लाख तक शून्य, 5 लाख से अधिक और 10 लाख से कम पर 200 रूपये फीस, 10 लाख से अधिक 20 लाख से कम की फीस 400 रूपये, 20 लाख से अधिक और 50 लाख से कम की फीस 1000 रूपये होगी। उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों एवं हितों के लिए सतर्क रहना होगा एवं स्वयं जागरूक होना होगा, तभी जागो ग्राहक जागो की सार्थकता सिद्ध होगी। इस दौरान उपस्थित शिक्षिकाओ एवं अन्य छात्र – छात्राओ के प्रश्रों के उत्तर देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन सुश्री श्वेता जांगड़े ने किया।

उपभोक्ता जागरूकता शिविर के दौरान आयोग के कर्मचारीगण रामायण पटेल, मनीराम श्रीवास, राजेश्वर इंग्ले, राजीव कुमार लिल्हारे, प्रबंधक (तकनीकी) वरूण कुमार गुप्ता, सतीश कुमार गुप्ता श्री अनिल साहू, श्रीमती बुध्देश्वरी पटेल एवं अन्य सिपेट के अधिकारी एवं कर्मचारीगण, छात्र-छात्राऐं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

सिपेट के छात्र-छात्रओ ने नाटक और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से उपभोक्त जागरूकता का संदेश देते हुए अत्यंत सराहनी कार्यक्रम प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से सोशल मिडिया एवं बैंक उपभोक्ताओ को झांसे में लेकर हो रही ठगी से जागरूक किया गया। उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों, जैसे- रसीद मांगना, एमआरपी की जांच करना, मिलावटी सामान के खिलाफ आवाज़ उठाना और शोषण से बचने के लिए जागरूक किया गया है।