भराड़ीसैंण, 12 मार्च (हि. स.)। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन गुरुवार को सदन में चारधाम यात्रा की व्यवस्था और तैयारियों के अलावा महाविद्यालयों के नाम बाबा साहब भीमराव आम्बेडकर के नाम पर नामकरण को लेकर सदन में चर्चा हुई। सरकार ने कहा कि अंबेडकर के नाम पर कॉलेज के नाम रखने से कोई परहेज नहीं है, बल्कि एक नहीं दो डिग्री कॉलेज उनके नाम पर बनाए जाएंगे।
सदन में सदस्य विक्रम सिंह नेगी और लखपत बुटोला ने नियम 58 के तहत चारधाम यात्रा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह उत्तराखंड की आस्था और आर्थिकी दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सुझाव दिया कि यात्रा के दौरान ऑनलाइन और ऑफलाइन व्यवस्थाओं को बेहतर किया जाए और अनुभवी लोगों को यात्रा प्रबंधन में तैनात किया जाए। साथ ही कूड़ा उठान की बेहतर व्यवस्था और यात्रा के दौरान होटल बुकिंग, हवाई टिकट सहित अन्य आवश्यक कार्यों में ठगी पर विशेष ध्यान देने की भी मांग की।
लखपत बुटोला ने कहा कि चारधाम क्षेत्र के विधायकों को यात्रा से संबंधित बैठकों में नहीं बुलाया जाता, जबकि स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी जरूरी है। इस पर मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि सरकार चारधाम यात्रा को लेकर गंभीर है और इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2001 में करीब 10 लाख, 2015 में लगभग 8 लाख, 2022 में 46 लाख और 2025 में 51 लाख से अधिक श्रद्धालु यात्रा पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि सभी यात्री चारों धाम नहीं जाते, इसलिए यात्रियों की संख्या एक बराबर नहीं हो सकती।
मंत्री ने बताया कि बदरीनाथ और केदारनाथ सहित चारधाम मार्गों पर तय स्थानों पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए चेकिंग की जाती है। राज्य सरकार का उद्देश्य यात्रियों को “अतिथि देवो भवः” की भावना के अनुरूप बेहतर सुविधाएं देना है, क्योंकि यह राज्य की आर्थिकी को भी मजबूत करते हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए टोल-फ्री नंबर जारी किया गया है और 31 मार्च तक यात्रा की सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी। सरकार सुगम और सुरक्षित यात्रा के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ ने कहा कि प्रदेश में 128 महाविद्यालयों का नाम परिवर्तन किया गया, लेकिन किसी भी महाविद्यालय का नाम भीमराव अम्बेडकर के नाम पर नहीं रखा गया। उन्होंने इस संबंध में सरकार और विभाग को पत्र भी भेजा है।
इस पर मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि किच्छा डिग्री कॉलेज भाजपा सरकार के समय बनाया गया था और इस मामले में जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है। महापुरुषों के नाम पर संस्थानों का नाम रखने के लिए जनपद स्तरीय समिति का गठन किया गया है।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भी भीमराब अम्बेडकर के नाम पर महाविद्यालय का नाम रखने की मांग की। इसमे सरकार को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। जिस पर संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि समिति की रिपोर्ट के आधार पर नाम तय किया जाएगा।
मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि सरकार को बाबा साहब के नाम पर महाविद्यालय रखने में कोई परहेज नहीं है और एक नहीं बल्कि दो डिग्री कॉलेज भी उनके नाम पर बनाए जाएंगे।