रांची, 14 मार्च । झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में शनिवार को विधायक जयराम महतो ने सदन की दूसरी पाली में विभिन्न विभागों के अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान राज्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया। उन्होंने पुलिस बहाली, अवैध खनन, शराबबंदी, ऊर्जा और पेयजल जैसे विषयों पर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया।
जयराम महतो ने जादूगोड़ा क्षेत्र में यूरेनियम खनन के दुष्प्रभाव को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि वहां के लोगों में कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की कई महिलाएं मां नहीं बन पा रही हैं। इस कारण प्रभावित गांवों के लोगों के विस्थापन और उनके बेहतर पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग उन्होंने सरकार से की।
शराबबंदी के मुद्दे पर बोलते हुए जयराम महतो ने बिहार और गुजरात की तर्ज पर झारखंड में भी पूर्ण शराबबंदी लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि शराब के कारण ही सड़क दुर्घटनाओं में 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के कई युवाओं की जान जा रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने वोट की चिंता नहीं है, बल्कि राज्य के युवाओं के भविष्य की चिंता है, इसलिए सरकार को इस गंभीर विषय पर जल्द निर्णय लेना चाहिए।
विधायक ने पुलिस विभाग को नई पेट्रोलिंग वाहन उपलब्ध कराने के लिए सरकार की सराहना की, लेकिन साथ ही पुलिसकर्मियों के लिए वर्दी, धुलाई, विशेष कर्तव्य, चिकित्सा और शिक्षा सहित 11 प्रकार के भत्तों की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि राज्य में वर्तमान में 23,645 पुलिस पद खाली हैं और वित्तीय वर्ष 2026-27 में नई बहाली निकाली जानी चाहिए, ताकि लंबे समय से इंतजार कर रहे युवाओं को रोजगार मिल सके। उन्होंने तबादला और पोस्टिंग की व्यवस्था को भी पुलिस तंत्र की बड़ी समस्या बताया।
खनन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि झारखंड देश को लगभग 40 प्रतिशत खनिज उपलब्ध कराता है, लेकिन राज्य को इससे मात्र 19 हजार करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है, जबकि ओडिशा को 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक राजस्व प्राप्त होता है। उन्होंने सवाल उठाया कि झारखंड में ऐसी स्थिति क्यों है।
जयराम महतो ने कोलांचल क्षेत्र में अवैध कोयला कारोबार पर भी चिंता जताते हुए आरोप लगाया कि यहां प्रतिदिन लगभग 600 करोड़ रुपये का अवैध कारोबार हो रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि नागालैंड और मेघालय की तर्ज पर कोऑपरेटिव सोसाइटी के माध्यम से कोयला खनन कराया जाए, जिससे स्थानीय लोगों को आर्थिक लाभ मिल सके।
विधायक ने गोड्डा में संचालित अडानी प्रोजेक्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि इस परियोजना के लिए जमीन झारखंड की ली गई है, लेकिन विडंबना यह है कि परियोजना के लिए कोयला ऑस्ट्रेलिया से लाया जाता है और यहां उत्पादित बिजली बांग्लादेश भेजी जाती है। उन्होंने इस व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।————-