बलरामपुर, 18 मार्च । छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सरकारी लापरवाही का हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक जीवित महिला को रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया। इसके चलते उसे महतारी वंदन योजना की राशि मिलना बंद हो गई और अब वह खुद को जिंदा साबित करने के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर है।
बिलासपुर के तिफरा निवासी अमरिका बाई को महतारी वंदन योजना का लाभ मिलना अचानक बंद हो गया। जब उन्होंने इसकी वजह जानने की कोशिश की, तो पता चला कि सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है। महिला ने आज बुधवार काे जनदर्शन के दौरान कलेक्टर संजय अग्रवाल से मिलकर अपनी समस्या बताई। उन्होंने कहा कि वह शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हो चुकी हैं और कई दफ्तरों में जाकर खुद को जीवित साबित करने की कोशिश कर रही हैं।
अमरिका बाई को अब तक योजना की केवल 5 किस्तें ही मिल पाई हैं। रिकॉर्ड में गलती से मृत दर्ज होने के कारण आगे की राशि रोक दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को तत्काल निराकरण के निर्देश दिए हैं।
जनदर्शन कार्यक्रम में अन्य नागरिकों ने भी अपनी-अपनी समस्याएं रखीं। धुरीपारा मंगला निवासी पुरुषोत्तम पटेल ने शिकायत की कि उनकी कृषि भूमि में उनके पिता के नाम की जगह किसी अन्य व्यक्ति का नाम ऑनलाइन दर्ज हो गया है। वहीं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेलगहना के सेवानिवृत्त कर्मचारी ने अपनी जीपीएफ राशि के भुगतान में देरी की शिकायत की। सीपत तहसील के उच्चभट्ठी गांव के किसानों ने किसान सम्मान निधि की राशि नहीं मिलने की समस्या उठाई।
आजाद नगर निवासी शैलेन्द्र सिंह ठाकुर ने नेहरू नगर स्थित श्रीराम केयर अस्पताल में आयुष्मान योजना के मरीजों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायत की। इस पर कलेक्टर ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।
विजयपुर गांव के लोगों ने प्राइमरी स्कूल के शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार शिक्षक अभिमन्यु मरकाम और भरत ध्रुव शराब पीकर स्कूल आते हैं, हंगामा करते हैं और बच्चों को ठीक से पढ़ाते नहीं हैं। इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।