का निपटान प्राथमिकता से किया जाए।
उप महानिरीक्षक संगीता कालिया बुधवार को जिले
के जीओ मेस में क्राइम रिव्यू मीटिंग में अधिकारियों को निर्देश दे रही थीं। बैठक में
जिले के सभी पुलिस अधिकारियों व थाना प्रभारियों ने भाग लिया। इसमें अपराध नियंत्रण
बारे सख्त निर्देश जारी किए गए। उन्होंने पिछली बैठकों में दिए गए निर्देशों की प्रगति
की समीक्षा कर लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उप महानिरीक्षक संगीता कालिया ने कहा कि नशा
मुक्त अभियान को गांव व कॉलोनी स्तर तक प्रभावी रूप से लागू करके अपराधियों की पहचान
की जाए, ट्रैफिक ब्लैक स्पॉट्स को चिन्हित कर दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक सुधारात्मक
कदम उठाए जाएं, लंबित मामलों की जांच में तेजी लाते हुए 60/90 दिनों के भीतर निपटान
सुनिश्चित किया जाए। बैठक में प्रत्येक आईओ को प्रति माह कम से कम एक केस का निष्पादन
करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने जिला स्तर पर अपराध के अधिक पंजीकरण वाले क्षेत्रों
व अपराधों को चिन्हित कर विशेष अभियान चलाने के भी निर्देश दिए और कहा कि पीओ व बेल
जंपर मामलों में ‘पीछा करो अभियान’ के तहत आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने
कहा कि बीएनएसएस के प्रावधानों के अनुसार मामलों की जांच व कैंसलेशन प्रक्रिया का पालन
किया जाए, धारा 41 व 41ए के तहत नोटिस तामील की प्रक्रिया को विशेषकर क्षेत्राधिकार
से बाहर प्रभावी बनाया जाए, थानों, पुलिस पोस्ट व सीआईए में पुलिस कर्मचारियों की उपलब्धता
विशेषकर रात्रि समय में सुनिश्चित की जाए तथा गुमशुदा व्यक्तियों की टीमों को सक्रिय
कर उनकी कार्यप्रणाली में सुधार लाया जाए।
उप महानिरीक्षक संगीता कालिया ने सभी अधिकारियों
को निर्देश दिए कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
की जाए तथा आमजन में सुरक्षा का विश्वास मजबूत किया जाए। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों
व कर्मचारियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा
व ईमानदारी से करें। साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि व्यस्त ड्यूटी के बावजूद
पुलिस कर्मी अपने व अपने परिवार के लिए भी समय अवश्य निकालें, ताकि मानसिक संतुलन बनाए
रखते हुए बेहतर कार्य प्रदर्शन किया जा सके।